बचपन से ही हमें सिखाया जाता है कि छोटों की मदद करो। लेकिन बड़े होकर हम ये सीख भूल जाते हैं। कीनिया के अंबोसेली नेशनल पार्क में तीन राहतकर्मियों को शायद बचपन की ये सीख याद थी तभी तो उन्होंने काफी मशक्कत के बाद गड्ढे में गिरे हाथी के बच्चे को बाहर निकाल ही लिया। इस प्रक्रिया में हालांकि हाथी के बच्चे को कुछ खरोंच आई लेकिन अंत भला तो सब भला रहा।
कीनिया के अंबोसेली नेशनल पार्क का भ्रमण करते हुए हाथियों के संरक्षण में लगी संस्था अंबोसेली ट्रस्ट के तीन सदस्य पार्क पार्क में घूम रहे थे। उन्होंने देखा कि एक जगह दो हाथी काफी चिल्ला रहे हैं। सदस्य वहां पहुंचे तो देखा कि उनका बच्चा एक गहरे खड्ड में गिरा पड़ा है और बेबस हाथी चिल्ला रहे हैं। हाथी शायद पानी की खोज में इस बीहड़ और पथरीले इलाके में चले आए थे।
राहत टीम के सदस्यों ने बिना समय गंवाए पास के सहायता केंद्र से मदद के रूप में दो जीप और रस्सी मंगाई। संयोग ही रहा कि मदद भी तुरंत मिली और सदस्य हाथी के बच्चे को बचाने में जुट गए। सबसे पहले सदस्यों ने वरिष्ठ हाथियों को घटनास्थल से दूर भगाया ताकि राहत कार्य में खलल न पड़े। फिर टीम ने खड्डे में गिरे नन्हे हाथी को रस्सी से बांध कर रस्सी का दूसरा सिरा जीप से बांध दिया और बाहर की ओर खींचने लगे।
बच्चे को कुछ खरोंच तो आई लेकिन वह रस्सी के सहारे सुरक्षित खड्ड से निकल आया। खड्ड से निकालने के बाद सदस्यों ने ज्यों ही बच्चे को रस्सी से आजाद किया, बच्चा सरपट दौड़ पड़ा। बच्चा दौड़ते हुए दूर खड़े अपने माता पिता से जा मिला और उनकी सूंड से चिपक चिपक कर अपना प्यार जाहिर करने लगा। हाथी, हथिनी और उनका बच्चा काफी देर तक साथ साथ खड़े अपना प्यार दिखाते रहे और फिर दूर चले गए।
हाथी के बच्चे को बचाने का मिशन आप यू ट्यूब पर भी देख सकते हैं।
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http://www.youtube.com/watch?feature=player_embedded&v=JOHw7lX3Gu4#!