क्या कोई सूटकेस बनाने के लिए हॉलीवुड की लगी लगाई लाखों की नौकरी को लात मार सकता है। अगर आप सोचते हैं नहीं, तो आप गलत हैं। आईआईटी रुड़की के अमित भट्नागर वो शख्स हैं जिन्होंने अपनी सोच को साकार करने के लिए हॉलीवुड की लगी-लगाई नौकरी की भी परवाह नहीं की।
हॉलीवुड के यूनिवर्सल स्टूडियो में काम करने वाले अमित ने एक पोर्टेबल बायोकेमेसट्री लैब बनाई है। इस लैब की मदद से दूर-दराज के इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकेंगी।
खास बात यह है कि यह लैब देखने में किसी भी आम सूटकेस की ही तरह है। इस लैब से करीब 23 गंभीर बीमारियों के परीक्षण किए जा सकते हैं। जिसमें किडनी, लीवर, हार्ट, एनिमिया, मधमेह और गठिया प्रमुख है।
विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने इस सूटकेस लैब को लांच किया है। उम्मीद की जा रही है कि इसकी मदद से दूर-दराज के इलाकों में स्वास्थ्य दर में सुधार होगा।
उन्होंने बताया कि यह अपने आप में एक संपूर्ण लैब है जो बैकअप की भी सुविधा देता है। इस प्रयोगशाला की अधिकतम कीमत साढ़े तीन लाख रुपये है। जिसमें ब्लड एनलाइजर, सेंट्रीफ्यूग, माइक्रो पाइपेट इंक्यूबेट की सुविधा है। इसमें लैपटॉप भी है जिसमें मरीज का डाटा मैनेजमेंट सिस्टम सॉफ्टवेयर और उपयोग की अन्य वस्तुए हैं।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। इस पोर्टेबल लैब का इस्तेमाल सीमा सड़क संगठन अपने कारगिल, लेह, नगालैंड जैसे दूरदराज के चिकित्सालयों में कर रहा है। सीआरपीएफ छत्तीसगढ़ के जंगलों में इसका इस्तेमाल कर रही है।