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बेच दिया इंग्लैंड का संविधान?

Mon, 04 Feb 2013 10:33 AM IST
शशिभूषण पुरोहित/धर्मशाला
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...मुफलिसी ने हिमाचल के एक शख्स को अपने नाम दर्ज लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड की कृतियां बेचने को मजबूर कर दिया, जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा होता है। यह कहानी है कांगड़ा जिले के अंसोली निवासी ए बी राजबंश की।
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राजबंश की बेटी मधुबाला हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से लॉ कर रही है, उसकी पढ़ाई पर हर महीने करीब 10 हजार रुपये खर्च होते हैं। वहीं अपने हाथों में हुनर तलाशता बेटा शेखर राजबंश आइनिफ्ड में एडमिशन लेना चाहता है। शेखर को पेंटिंग का शौक है।

एडमिशन के लिए उसे 74 हजार रुपये फीस की जरूरत होगी। देश का दुर्भाग्य कहें या प्रतिभा की अनदेखी लगभग छह माह से इसी घुटन से गुजर रहे मेकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा होल्डर एबी राजबंश ने कांगड़ा के ही एक व्यवसायी को 71 हजार में अपनी तीनों कृतियां बेच डालीं।
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राजबंश कांगड़ा में एक निजी आईटीआई में अंशकालिक नौकरी कर घर का खर्च चलाते हैं। राजबंश ने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में कहा कि उन्होंने सरकारी नौकरी के लिए काफी संघर्ष किया पर शायद उनकी किस्मत में नहीं थी।

राजबंश के नाम तीन लिम्का रिकार्ड
ए बी राजबंश ने 169 पृष्ठों की 22 एमएम गुणा 17 एमएम की सबसे छोटी भगवद्गीता 1 अगस्त से 13 नवंबर 2003 के बीच अपने हाथों से लिखी। इसके अलावा उन्होंने 124 पन्ने का 2 सेमी गुणा 1 सेमी गुणा 0.9 सेमी का यूएसए का संविधान (वजन 2.170 ग्राम) लिखकर इतिहास रचा। वर्ष 2004 में 111 पन्नों  वाला 2 सेमी लंबे एवं 1.5 गुणा 0.6 सेमी चौड़े बुकलेट में यूके का संविधान लिखा। ये तीनों ही रिकॉर्ड लिम्का बुक में दर्ज हैं।

2001 में किया आत्मदाह का प्रयास
बहुमुखी प्रतिभा के धनी ए बी राजबंश ने आर्थिक संकट के चलते वर्ष 2001 में राष्ट्रपति भवन के सामने परिवार सहित आत्मदाह का ऐलान भी किया था। लेकिन कांगड़ा पुलिस ने उन्हें कांगड़ा रेलवे स्टेशन पर ही परिवार सहित गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक उन्हें घर में नजरबंद रखा गया था।
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स्वाभिमान की जंग हारा
ए बी राजबंश की दास्तान बहुत कुछ वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैवीवेट बॉक्सर कैशियश क्ले से मिल%E
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