कार निर्माता टोयोटा मोटर स्टियरिंग एवं सीट आदि में लगे कुछ कलपुर्जों में खामियों की वजह से ग्लोबल स्तर पर 63.9 कारें वापस मंगाएंगी। इसके तहत भारत में 45,000 इनोवा कारें रिकॉल की जाएंगी। कंपनी की ग्लोबल स्तर पर 27 मॉडल की कारों में यह खामियां पाई गई हैं, जिन्हें मरम्मत के लिए वापस मंगाया जाएगा।
इस रिकॉल के तहत भारत स्थित टोयोटा किर्लोस्कर मोटर कंपनी लिमिटेड साल 2005 से लेकर 2008 के बीच 44,989 इनोवा कारें रिकॉल करेगी। कंपनी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार वह अपनी स्पेशल सर्विस अभियान के तहत इनोवा को वापस ले रही है।
कारों में है खराबी
कंपनी के अनुसार इनोवा के स्टीयरिंग व्हील में इस्तेमाल किए जाने वाले स्पाइरल केबल में कुछ खामियां पाई गई है। जिसकी वजह से ड्राइवर बैग निष्क्रिय हो सकता है। इन खामियों को देखते हुए कंपनी यह कदम उठा रही है।
टोयोटा किर्लोस्कर के अनुसार खामियों को दूर करने के लिए जरूरी कलपुर्जों के रिप्लेसमेंट पार्ट को मंगाने की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही रिप्लेसमेंट कलपुर्जे मिल जाएंगे, कंपनी अपने अधिकृत डीलर्स के जरिए ग्राहकों को संपर्क करेगी। कंपनी के अनुसार कलपुर्जे बदलने की प्रक्रिया एक घंटे में कर ली जाएगी। इसके लिए कंपनी स्पेशल सर्विस कैंप भी कर रही है।
कुल मिलाकर पांच तरह की खामियां
ग्लोबल स्तर पर रिकॉल की वजह स्टियरिंग से लेकर सीट तक कुल मिलाकर पांच तरह की खामियां हैं। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि इन खामियों की वजह से किसी तरह की कोई दुर्घटना की जानकारी नहीं मिली है, और न ही किसी के घायल होने की खबर है। टोयोटा ने कहा है कि यह खामियां पोंटिक विबे और सुबारू ट्रेजिया में पाई गई हैं।
टोयोटा अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स और फुजी हैवी इंडस्ट्रीज के लिए इन दोनों माडलों का निर्माण करती है। हालांकि, कंपनी ने खामियों वाली कारों के मरम्मत पर आने वाले खर्चों की जानकारी नहीं दी है।
टोयोटा ने कहा है कि 35 लाख कारों में स्पाइरल केबल को बदला जाएगा। स्टियरिंग को घुमाने के दौरान इस केबल को नुकसान पहुंच सकता है और इससे दुर्घटना के दौरान एयरबैग नहीं खुल पाएंगे। इनमें से 23.4 लाख कारें अमेरिकी में बेची गई हैं, जबकि 8.10 लाख कारें यूरोपीय बाजारों में है।