मानसून दस्तक दे चुका है, मानसून का लुत्फ उठाने के लिए हम अक्सर कार ड्राइव पर निकलते हैं। गर्मी से राहत के साथ ही कई बार मानसून उन लोगों के लिए दिक्कत भरा होता है जो अपनी कार का ध्यान नहीं रखते।
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अगर आपने कार का ध्यान नहीं रखा तो बारिश के दौरान बीच रास्ते में आपके लिए दिक्कत पैदा हो सकती है। फोर्ड सर्विस टीम ने इस मानसून में सुरक्षित कार ड्राइविंग के लिए कुछ काम की अहम बातें बताई हैं।
इन बातों को कार यूजर्स को ध्यान रखकर मानसून में कार ड्राइविंग का मजा उठा सकते हैं।
वाइपर ब्लेड की रबड़
बारिश के दौरान कार का सबसे अहम पार्ट होता है वाइपर। मानसून शुरू होने से पहले कार के वाइपर की ठीक से जांच करा लें। अगर आपके वाइपर में जरा भी खराबी हुई तो बारिश के दौरान कार चलाने में दिक्कत होगी और आपके सुहाने सफर का मजा किरकिरा हो सकता है। ध्यान रखें कि वाइपर ब्लेड की रबड़ कटी हुई तो नहीं है। वाइपर मोटर और स्विच सही काम कर रहा है या नहीं।
लाइट का टेस्ट है जरूरी
सर्विस के दौरान कार मालिकों को ध्यान रखना चाहिए कि कार की हेड लाइट्स, इंडीकेटर और व बैक लाइट सही काम कर रही हैं या नहीं। मानसूनी मौसम में कई बार अचानक गहरा अंधेरा छा जाता है, ऐसे में कार की हेड लाइट और इंडीकेटर ही आगे बढ़ने में मददगार साबित होते हैं।
बरसात के दिनों में सबसे ज्यादा प्रॉब्लम होती है कार के स्किड यानी स्लिप होने की। ऐसे में कार के पहियों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। रेनी सीजन में सड़कों पर पानी भरा होने से टायर स्लिप करते हैं और आपकी कार हादसे का भी शिकार हो सकती है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि आपके पहिये पुराने या घिसे हुए न हो। टायरों में प्रॉपर ग्रिप हो। खासकर अगले टायरों का ध्यान रखना चाहिए।
ब्रेक हो दुरुस्त और मड फ्लैप
ब्रेक हो दुरुस्त टायरों के साथ ही कार के ब्रेक ठीक होने चाहिए। बारिश के दौरान अक्सर ब्रेक कम लगते है। ऐसी समस्या न आये इसके लिए जरूरी है कि ब्रेक पेड साफ करा लें।
मड फ्लैप मानसून के दौरान जंग लगने की समस्या भी बड़ी होती है। टायरों के साथ ही कार के मड फ्लैप भी सही होने चाहिए। मड फ्लैप टूटे हुए होंगे तो गाड़ी में जंग लगेगा और आपकी गाड़ी की उम्र कम हो जाएगी।
बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही एक बार विंडो ग्लास की सर्विस करा लें। कई बार डोर ग्लास जाम हो जाते है, और ये बमुश्किल आधे तक ही पहुंच पाते हैं। इसके अलावा दरवाजे की सेटिंग आउट हो तो उसे भी वर्क्स शॉप पर जाकर ठीक करा लें। इंजन की कंपार्टमेंट सील भी ठीक होना जरूरी है। इनमें से गाड़ी में कोई भी कमी होगी तो पानी लीकेज की प्रॉब्लम हो सकती है। पानी लीकेज से नमी की दिक्कत और फिर कार में अजीब तरह की महक हो सकती है।
विंड शील्ड न हो क्रैक
विंड शील्ड न हो क्रैक वाइपर के साथ ही यह भी ध्यान रखना चाहिये कि आपकी कार का विंड शील्ड यानी फ्रंट ग्लास टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। विंड शील्ड टूटा होगा तो इससे आपके वाइपर की रबड़ कट जाएगी और बारिश में शीशा साफ होने में दिक्कत आएगी।
फ्लोर ग्रोमेट हर कार की तली में एक सील लगी होती है, जिसे फ्लोर ग्रोमेट कहते है। बरसात से पहले एक बार फ्लोर ग्रोमेट को सर्विस स्टेशन पर चेक करा लें। अगर फ्लोर ग्रोमेट कट गई है तो ठहरे हुए पानी से गुजरने पर कार में पानी जा सकता है। जिससे कार में लगा सीएनजी या एलपीजी का पाइप क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसके अलावा कार में शार्ट सर्किट की भी संभावना बन सकती है।
मानसून के सीजन में जितनी जरूरत कार की देखभाल करने की है उससे कही ज्यादा आपको अपनी ड्राइविंग को लेकर सचेत रहना चाहिए। कुछ ऐसे टिप्स हैं जिनपर आप अमल करें तो आपकी जर्नी सुरक्षित और आरामदायक हो सकती है।
(i) बरसात में ब्रेक कम काम करते है इसलिए सड़क पर चलने के दौरान आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाये रखें।
(ii) सड़क पर हमेशा अपनी गति को कम से कम रखें। बारिश के दौरान सड़क पर अक्सर गढ्ढे हो जाते है। गढ्ढों में तेजी के साथ निकलने पर अलाइनमेंट खराब हो सकता है। अलाइनमेंट सही नहीं होगा तो टायर कटना शुरू हो जाएगा।
(iii) बरसात के सीजन में कभी भी सड़क के किनारे न चलें। हो सकता है बारिश के पानी से सड़क कही से कटी हुई हो और आपके लिए परेशानी पैदा हो जाए।
(iv) सड़क पर जमा हुए पानी के बीच से कार को धीरे से ड्राइव करें। हो सकता है पानी के नीचे कोई गहरा गढ्ढा हो, जिसका अंदाजा आपको दूर से न लगे।
(v) सफर के दौरान हेडलाइट और इंडीकेटर का प्रयोग करें। अगर अंधेरा हो जाता है तो हेडलाइट व पार्किंग लाइट ऑन करके गाड़ी ड्राइव करें।
(vi) कार को सुरक्षित जगह पार्क करना चाहिए। कभी भी ऐसी जगह पार्क न करें जहां किसी मकान की नाली या बारिश का पानी एकत्रित कर गिरने की व्यवस्था की गई हो।
आप घर जा रहे है और रास्ते में बहुत तेजी बारिश होने लगती है या फिर आपकी गाड़ी खराब हो जाती है तो ऐसे में क्या करें और क्या न करें। रास्ते में तेज बारिश मिलने पर यह जरूरी है कि आप कार को सर्विस लेन पर साइड में लगा लें। इस दौरान अपनी कार की हेड लाइट और पार्किंग लाइट ऑन रखें।
यदि बारिश में लगातार कार ड्राइव कर रहे हैं तो कार की हेड लाइट और पार्किंग लाइट ऑन होनी चाहिए। ठहरे हुए पानी से कार निकालनी हो तो यह ध्यान रहे कि आपकी कार का इंजन स्टार्ट रहे। यदि कार का इंजन अचानक बंद हो जाता है, और पानी कार के साइलेंसर (स्मोक पाइप) से ऊपर जा रहा है तो कार को स्टार्ट न करें।