इलाहाबाद के कुंभ मेले में वसंत पंचमी पर शाही स्नान के मौके पर बीएसएफ के उच्चाधिकारी के पहुंचने का मामला गंभीर हो गया है। प्रदेश सरकार ने इसे उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। नगर विकास मंत्री आजम खां ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है और आगे से शाही स्नान या अन्य विशेष मौकों पर वीआईपी के आगमन पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि हाईकोर्ट का आदेश है कि शाही स्नान के दिन या विशेष मौकों पर कोई वीआईपी मेला क्षेत्र व स्नान स्थल पर नहीं जाएगा और न ही उनके वाहन जाएंगे। इसके बावजूद शुक्रवार को वसंत पंचमी शाही स्नान पर बीएसएफ के एक उच्च अधिकारी ने हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया। इससे प्रदेश सरकार को एक नई परेशानी का सामना करने को मजबूर किया गया।
आजम खां ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि यदि इतना बड़ा अधिकारी अपने रुतबे और पद का दुरुपयोग करेगा तो क्या स्थिति उत्पन्न होगी, इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। मंत्री ने याद दिलाया कि रेलवे स्टेशन पर हुई दुर्घटना के बाद यह दूसरी घटना है जिसमें मेला प्रशासन व प्रदेश सरकार को अप्रिय हालात का सामना करना पड़ा है।
आजम ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह तत्काल इस संबंध में संदेश देने का कष्ट करें कि मेला परिसर में वीआईपी, वीवीआईपी, नेतागण, पूंजीपति, कॉर्पोरेट जगत के लोग, अधिकारी व ब्यूरोक्रेट सभी हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री से कुंभ मेला परिसर व स्नान स्थलों पर प्रदेश सरकार को सुचारु व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने का आग्रह किया है।
उन्होंने कुंभ मेले में बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का हवाला देते हुए बताया है कि इसकी सुचारु व्यवस्था करना, स्नान कराना और हिफाजत के साथ उन्हें वापस लौटाना एक बहुत बड़ी चुनौती है। विगत 10 फरवरी को इलाहाबाद स्टेशन पर हुई अप्रिय घटना ने प्रदेश सरकार की सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसलिए यह बहुत ही ज़रूरी है कि कुम्भ के सिलसिले में उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।