एकादशी पर गंगा स्नान के लिए कुंभ मेला में बृहस्पतिवार को दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। गंगा-यमुना के जलस्तर में वृद्धि के कारण तेजी से हो रही कटान से कई घाट गायब हो गए।
ऐसे में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। घाट ध्वस्त हो जाने से ज्यादातर स्नानार्थियों को संगम की तरफ भेज दिया गया। संगम और उसके आसपास के घाटों पर भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया। वाहनों का रेला भी संगम की तरफ एक साथ चल पड़ा, सो वहां दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
वसंत पंचमी के बाद बृहस्पतिवार को एकादशी पर मेले में स्नानार्थियों की सबसे भीड़ पहुंची। त्रिवेणी अप एवं डाउन और काली अप एवं डाउन पांटून पुल के दोनों तरफ बने घाट कटान और गंगा-यमुना के बढ़े हुए जलस्तर की भेंट चढ़ चुके हैं। एकादशी पर स्नानार्थियों का रेला घाटों की तरफ बढ़ा तो पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट कर श्रद्धालुओं को संगम की तरफ भेजना पड़ा। एकादशी पर ज्यादातर श्रद्धालु आसपास के जिलों से आए हुए थे, अधिकांश लोग अपने चारपहिया वाहन से पहुंचे।
वाहनों की संख्या बढ़ने पर संगम की ओर जाने वाले तमाम रास्तों पर जाम लग गया। सुबह दस से शाम चार बजे तक रास्तों पर वाहन सिर्फ रेंगते रहे। संगम नोज और उसके आसपास के घाटों को छोड़ दें तो कहीं भी श्रद्धालुओं को स्नान के लिए घाट नहीं मिले। जहां घाट का थोड़ा-बहुत हिस्सा बचा था, वहां बेरिकेडिंग न होने के कारण दुर्घटना की आशंका से श्रद्धालुओं ने स्नान नहीं किया। संगम पर उमड़ी भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को घाटों पर काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दिनभर उड़ा धूल का गुबार
मेला क्षेत्र में संगम की तरफ जाने वाले मार्गों पर दिनभर धूल का गुबार उड़ता रहा। पानी का छिड़काव न होने के कारण हर तरफ धूल ही धूल थी। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलाने वाले श्रद्धालुओं को काफी दिक्कत झेलनी पड़ी।