मौनी अमावस्या पर मेला क्षेत्र और रेलवे स्टेशन में हुई भगदड़ से सबक लेकर मेला और रेल प्रशासन ने कई नई योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। बुधवार को मेला प्रशासन कार्यालय में रेलवे अफसरों और मेला एवं पुलिस से जुड़े अधिकारियों की संयुक्त बैठक में इस बाबत कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गये।
तय हुआ कि बसंत पंचमी के दिन रेलवे स्टेशन के पास के चार स्कूलों, बड़े भवनों और मैदान में जन सुविधाओं से युक्त यात्री आश्रय स्थल विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अन्य बड़े स्कूलों में श्रद्धालुओं को विश्राम दिया जाएगा। कमिश्नर देवेश चतुर्वेदी और आईजी आलोक शर्मा के नेतृत्व में यह भी तय हुआ कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का बोझ कम करने के लिए स्टेशन के दोनों तरफ नियमित रूप से बसों का संचालन किया जाएगा।
साथ ही रेलवे स्टेशन एवं बस अड्डों के निकटवर्ती क्षेत्र में सात एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रहेंगी। कमिश्नर ने कहा कि सार्वजनिक उद्घोषणाओं के माध्यम से शाही स्नान वाले दिन आश्रय स्थलों से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली यात्रियों की भीड़ को इस तरह संचालित किया जाए कि स्टेशन पर भीड़ अनियंत्रित न हो। बैठक में मौजूद मेलाधिकारी रेलवे संजय त्रिपाठी ने बताया कि बसंत पंचम के दिन यानी 15 फरवरी को सामान्य ट्रेनों के अलावा मेला स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के आवागमन में कोई विलंब नहीं होने दिया जाएगा।
कोशिश होगी कि सामान्य ट्रेनों के जरिये भी यात्रियों को सुविधाजनक तरीके से उनके घरों की ओर रवाना किया जा सके। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक पीआर बेलवरिया और सेवा प्रबंधक जयदीप वर्मा ने कहा कि शाही स्नान के अगले दो दिनों तक रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ बसें उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 1500 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। इन बसों के खराब होने की स्थिति में 24 ब्रेकडाउन वाहनों का प्रबंध भी कर लिया गया है।
साथ ही चारपहिया या तिपहिया वाहनों के खराब होने से जाम लगने की स्थिति में पांच क्रेनों की व्यवस्था भी की गई है। बैठक में बसों के रूटों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेला आरकेएस राठौर, डीएम राजशेखर, एसएसपी मोहित अग्रवाल, डीआईजी रेलवे लालजी शुक्ला, सीनियर डीएससी आरपीएफ रातक अहमद सहित तमाम अफसर मौजूद रहे।