मौनी अमावस्या पर संगम में डुबकी लगाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा है। महाकुंभ का आज दूसरा शाही स्नान है। गंगा और यमुना के संगम में अब तक दो करोड़ से अधिक श्रद्घालु स्नान कर चुके हैं। अखाड़ों में शामिल साधु-संत भी स्नान कर रहे हैं। अब तक सात अखाड़े स्नान कर चुके हैं।
मौनी अमावस्या के स्नान के लिए शनिवार को ही लाखों श्रद्घालु पहुंच गए थे। मेला और पुलिस प्रशासन को भी अनुमान नहीं था कि शाही स्नान पर्व की पूर्व संध्या पर इस कदर भीड़ उमड़ पड़ेगी। भीड़ का आलम यह था कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिनभर घोड़े पर बैठकर निरीक्षण करना पड़ा।
प्रशासन का दावा है कि भीड़ अपेक्षित थी लेकिन एक दिन पहले नहीं। इसके बावजूद पहले से पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए थे, सो व्यवस्था में किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। स्नानार्थियों के लिए 18 हजार फीट में 22 घाटों की व्यवस्था की गई है। शाही स्नान के लिए हर अखाड़े के साथ पुलिस अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी गई है।
सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सात हजार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। मेलाधिकारी मणि प्रसाद मिश्र का कहना है कि कुछ दिनों पहले बारिश के कारण गंगा में साफ जल न होने की शिकायत आई थी, उम्मीद है कि मौनी अमावस्या पर स्नानार्थियों को साफ गंगाजल मिलेगा।
दिनभर हुई घोषणा, नहाएं और जाएं
मौनी अमावस्या का मुहुर्त भले ही शनिवार से लग गया हो लेकिन स्नान कर लौटने वालों की संख्या काफी कम है। ज्यादातर श्रद्धालु रविवार को ही स्नान करना चाहते हैं जबकि प्रशासन की कोशिश है कि भीड़ स्नान करे और लौटती जाए ताकि अचानक भीड़ न हो जाए।
इसी वजह से शनिवार को दिनभर लाउडस्पीकर पर घोषणा की जाती रही, ‘स्नान का मुहुर्त शनिवार दोपहर 2.40 बजे से शुरू हो चुका है। आप स्नान करें और अपने गंतव्यों की ओर लौट जाएं। स्टेशन पर स्पेशन ट्रेन आपके इंतजार में खड़ी है।’
तगड़ी सुरक्षा के घेरे में अखाड़े
अखाड़ों के स्नान के समय सुरक्षा व्यवस्था चौकस रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अखाड़ा गंगानाथ त्रिपाठी के नेतृत्व में आठ पुलिस उपधीक्षक, दो सहायक पुलिस अधीक्षक, चार कंपनी आरएएफ, छह कंपनी पीएसी और पर्याप्त संख्या में नागरिक पुलिस बल लगाया है। साथ ही 48 घोड़े, एक टीम बीडीडीएस एवं एक टीम एएस की नियुक्त की गई है।
अखाड़ों को शाही स्नान वाले मार्ग से संगम तक ले जाने और वहां से अखाड़ा में वापस लाने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। हर टीम में दो पुलिस अफसरों के साथ एक कंपनी पीएसी, एक प्लाटून आरएएफ, 10 उप निरीक्षक और 40 आरक्षी तैनात किए गए हैं।
घूम रहे बम निरोधक दस्ते
मौनी अमावस्या पर उमड़ी करोड़ों स्नानार्थियों तथा सैलानियों की हिफाजत के लिए महाकुंभ की किले की तरह घेराबंदी है। मेले के भीतर पहुंचने के सभी संभावित रास्तों पर हथियारबंद कमांडो तैनात हैं। एडीजी कानून-व्यवस्था के साथ एटीएस, एसटीएफ, इंटेलीजेंस के भी आईजी ने टीम के साथ कुंभ मेले में डेरा डाला है।
सीसीटीवी के जरिए भी मेले में चप्पे-चप्पे की निगरानी हो रही है। तीन करोड़ से ज्यादा स्नानार्थियों के आने की संभावना के चलते कुंभ में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी है।
एडीजी कानून-व्यवस्था अरुण कुमार सुरक्षा की कमान संभाल रहे हैं। शनिवार से मेले में एंटी टेररिस्ट स्कवॉयड के 150 ब्लैक हॉक कमांडो की टुकड़ियां मुस्तैद हैं। 19 डॉग स्कवॉयड और छह बम निरोधक दस्तों संग पुलिस-पैरा मिलेट्री फोर्स की टीम ने अखाड़ों और अहम शिविरों में जांच की।