रंगीली होली पर घर-घर में उत्सव छाया था। दूर दराज से रिश्तेदार लठामार देखने को बरसाना में इकट्ठा हुए थे। लट्ठामार में जीत के बाद राधा की आरती उतारी गई। सभी गोपियां श्रीजी मंदिर यह बताने पहुंचीं कि राधा हमने कृष्ण के सखाओं की खूब धुनाई करी। सबने लाडली जी की आरती गाई।
अगले जनम बनू बरसाने की बहू
रंगीली गली के राधा किशन शर्मा की बेटी लक्ष्मी अगले जन्म में बरसाने की बहू बनना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि यहां की बहुएं खुशनसीब हैं कि श्याम संग होली खेलने का मौका मिला है। मैं हर साल ससुराल वालों से लड़कर लठामार देखने मायके जरूर आती हूं पर इसी तमन्ना के साथ कि अगले जन्म मैं खुद लठामार खेलने का सौभाग्य पाऊं।
सहेज लिया यादगार क्षण
लठामार शुरू होते ही कई लोगों ने अपने मोबाइल, कैमरे उस तरफ लगा दिए। उस यादगार क्षण को सबने सहेजा। लठामार की होली को कैमरे में कैद करने के लिए विदेशी फोटोग्राफर भी पहुंचे।
अति रस बरसे बरसाने जू...
हुरियारों के श्रीजी मंदिर पहुंचते ही वहां फाग का रस बरसने लगा। समाज जुड़ी और गोस्वामी गाने लगे, अति रस बरसै बरसाने जू, राजते रमणीक रमानौ जू.. हुरियारों की टोली झूमने लगी। बरसाने वारों ने उन पर टेसू के फूलों के रंगों की पिचकारी चलाई।
नाचते गाते निकाली चौपई
यादव समाज ने अपने मोहल्ले से रंगीली तक चौपई निकाली। नक्कारे को बजाते, होरी के रसिया गाते नाचते युवक धूम मचाते चले।