खाद्य एवं विपणन विभाग की टीम ने मेला क्षेत्र के सेक्टर-12 में एक व्यक्ति को फर्जी राशन कार्डों के साथ पकड़ा। उसके पास से नौ कार्ड जब्त किए गए। विभाग की तरफ से मामले में एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी हो रही है। पुलिस फर्जी कार्ड रखने वाले से पूछताछ कर रही है ताकि मालूम हो सके किफर्जीवाड़े में और कितने लोग शामिल हैं।
वीरेंद्र कुशवाहा नाम का एक व्यक्ति बृहस्पतिवार को सेक्टर-12 में स्थित दुकान नंबर-आठ में राशन लेने पहुंचा। उसने कार्ड दिया तो दुकानदार को शक हुआ। खाद्य एवं विपणन विभाग को तुरंत सूचना दी गई। कार्ड हूबहू विभागीय राशन कार्ड जैसा दिख रहा था। परीक्षण किया गया तो उसका कागज एवं स्याही असली कार्ड से अलग पाई गई। ऐसे में साबित हो गया कि कार्ड किसी निजी प्रिंटिंग प्रेस में छपवाया गया है जबकि असली कार्ड गवर्नमेंट प्रेस में छपे थे।
आरएफसी अटल कुमार राय ने बताया कि वीरेंद्र को पुलिस को सौंप दिया गया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। विभाग के लिए यह जानना भी अब जरूरी हो गया है कि ऐसे कितने कार्ड और छपे हैं और इस फजीवाड़े में कौन लोग शामिल हैं ताकि राशन की कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
आमरण अनशन पर बैठे जय सिंह की बिगड़ी सेहत
कुंभ मेला में अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ छह दिन से आमरण अनशन पर बैठे संयुक्त पंचायत संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष डॉ. जय सिंह योगी का स्वास्थ्य बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गया। उनके साथियों ने डॉक्टरों को सूचना दी तो केंद्रीय चिकित्सालय से एक दल ने मौके पर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. जय सिंह कमजोरी और गले में दर्द की शिकायत थी।
उनका आरोप है कि मौनी अमावस्या पर कुंभ मेला के सेक्टर-12 में हुई भगदड़ के दौरान दो-चार नहीं दर्जनों श्रद्धालुओं की मौत हुई। उनकी मांग है कि मामले की सीबाआई जांच कराई जाए। साथ ही कुंभ मेला पर हुए खर्च की भी सीबीआई जांच हो, क्योंकि इसमें भी बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।
डॉ. जय सिंह का कहना है कि वह छह दिन से धरने पर बैठे हैं लेकिन सेक्टर मजिस्ट्रेट को छोड़ कोई अफसर वहां नहीं आया। उनके साथ दो दिनों से विनय पांडेय भी आमरण अनशन पर बैठे हैं।