आसमान से गिरे, खजूर पर अटके। यह मशहूर कहावत कोरोना संकट से परेशान होकर श्रमिक विशेष ट्रेन द्वारा मुंबई से अपने गांव पहुंचे लोगों पर सटीक बैठती है। कोरोना महामारी में बेरोजगार हुए लोग रविवार को वसई से जौनपुर गई विशेष ट्रेन से अपने गांव के करीब पहुंच तो गए, लेकिन, यात्री क्वारंटीन सेंटर में भूख-प्यास से हलकान हो रहे हैं।
बीते रविवार को शाम 7.20 बजे श्रमिक स्पेशल ट्रेन मुंबई के उपनगरीय रेलवे स्टेशन वसई से जौनपुर के लिए रवाना हुई थी। यह ट्रेन सोमवार की रात 12 बजे जौनपुर पहुंची। यात्रियों को बस से जौनपुर से 18 किलोमीटर दूर मडियाहूं के विवेकानंद कालेज में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर ले जाया गया।
मुंबई से गये यात्रियों में से एक ने फोन पर बताया कि मंगलवार को तड़के 3 बजे मुंबई से आए यात्रियों के मडियांहू पहुंचने के बाद सुबह 9 बजे उन्हें चाय दी गई और भोजन के तौर पर दोपहर 1 बजे 100 ग्राम खिचड़ी के पैकेट पकड़ा दिए गए। शाम होते-होते भूख से परेशान मुंबईकर श्रमिकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
नॉट रिचेबल जिला प्रशासन, कृपाशंकर ने की शिकायत
जिला प्रशासन का पक्ष जानने के लिए जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश प्रताप सिंह से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई किंतु उन्होंने कोई जवाब नही दिया। इस मामले की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की गई है।
मामले की जानकारी मिलने पर महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने भी जौनपुर के जिलाधिकारी से क्वारंटीन केंद्र की खराब दशा की शिकायत की।