पत्नी और चार बेटियों की निर्मम हत्या करने वाले रामानंद को जिला जज ने शुक्रवार को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारे पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता शिवराज सिंह यादव ने बताया कि धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम नामदारपुरवा मजरा अमेठी निवासी रामानंद उर्फ नंदलाल भारती का गांव की ही एक अविवाहित युवती से संबंध थे।
जब युवती गर्भवती हो गई तो वह रामानंद पर विवाह करने का दबाव बनाने लगी। तब पहले से विवाहित रामानंद ने 21 जनवरी 2010 की आधी रात को अपनी पत्नी संगीता (35), पुत्री तुलसी (7), लक्ष्मी (5), काजल (3) और डेढ़ महीने की बच्ची की बांका से खांदकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद उसने अज्ञात बदमाशों द्वारा हमला कर पत्नी और बच्चियों की हत्या कर झोपड़ी में आग लगा देने की झूठी कहानी गढ़ी। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के मामले की जांच में हकीकत सामने आ गई।
रामानंद के पास से खून से सने कपड़े भी बरामद हुए थे। मामला साबित करने के लिए अभियोजन की ओर से शंभू रैदास, प्रताप, बाबूराम हंस, रामकुमार, डा. एके वर्मा सहित दस साक्षियों ने अपनी गवाही दर्ज कराई थी। जिला जज राजबीर सिंह ने इस मामले में रामानंद को दोषी पाते हुए सजाए मौत की सजा सुनाई है।