बिहार में साइबर अपराधियों के निशाने पर हाई प्रोफाइल लोग हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा- सेकुलर के नेता जीतन राम मांझी ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर फर्जी ट्विटर अकाउंट खोला गया है।
फर्जी टि्वटर अकाउंट खोलने के बाद अपराधियो ने मांझी के नाम से आप्पतिजनक ट्वीट भी किये हैं। पटना की आर्थिक अपराध इकाई में मांझी ने शिकायत दर्ज कर बताया है कि साइबर अपराधियों ने फर्जी ट्विटर अकाउंट में उनका फोटो भी लगाया हुआ है और भ्रमक, तथ्यहीन और निराधार ट्वीट भी किये हैं।
हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा-सेकुलर के प्रवक्ता अमरिंदर कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि मांझी आम तौर पर सोशल मीडिया से दूर ही रहते हैं, मांझी ने शिकायत दर्ज कर आग्रह किया है कि फर्जी अकांउट को बंद कर साइबर अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
जीतन राम मांझी
मांझी की शिकायत पर आर्थिक अपराध इकाई ने जालसाजी, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फर्जी अकाउंट खोलने वाले क्रिमिनल्स ने मांझी का फोटो लगाकर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने वाले कई ट्वीट भी किए हैं।
मांझी ने निवेदन किया है कि इस मामले की साइबर कंट्रोल एक्ट के तहत जांच की जाये और फर्जी अकाउंट को तत्काल बंद कराया जाये। उन्होंने भारतीय दंड संहिता की धाराएं 419 (धोखाधड़ी), 469 (जालसाजी), 471 (जाली दस्तावेज), 500 (मनाहानी), 501 (अपमानसूचक) व आइटी एक्ट की धारा 66 सी (पहचान की चोरी के लिए सजा ), 66डी (कंप्यूटर संसाधन का उपयोग करके अवतार द्वारा धोखाधड़ी के लिए सजा) के तहत दर्ज कराया है।