यूक्रेन में फंसे छत्तीसगढ़ के छात्रों की वतन वापसी कराने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत सरकार से छात्रों को बॉर्डर के करीब लाने की मांग की, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस लाया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने निकासी के लिए लगाए गई फ्लाइट की संख्या भी बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फ्लाइट का किराया ना बढ़ाया गया होता तो सही समय पर अब तक ज्यादा छात्रों की वतन वापसी हो गई होती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कीव और खार्किव में फंसे भारतीय छात्रों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने फ्लाइट का किराया 24000 से 25000 रुपये को बढ़ाकर 60,000 से 80,000 रुपये तक कर दिया है। अगर किराया ना बढ़ाया गया होता तो सही समय पर ज्यादा छात्र वापस आ गए होता।
राज्य सरकार करेगी खर्चे का वहन
रविवार को भूपेश बघेल सरकार ने छात्रों को बड़ी राहत दी है। यूक्रेन से भारत वापसी का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। इसके घोषणा मुख्यमंत्री ने की है। छात्रों ने वीडियो मैसेज भेजकर वतन वापसी की गुहार सरकार से लगाई थी। वहीं, शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी राज्य सरकार की ओर से खर्च वहन करने का एलान किया था।
छत्तीसगढ़ के 75 छात्र फंसे हैं यूक्रेन में
यूक्रेन और रूस के बीच तीन दिनों से युद्ध चल रहा है। इस युद्ध के बीच छत्तीसगढ़ के 75 छात्र वहां फंसे हुए है। यूक्रेन के पड़ोसी देशों से भारत के छात्रों को वापस लाया जा रहा है। वहीं, आपात स्थिति में आने का खर्च भी बढ़ गया है। इसलिए राज्य सरकार ने छात्रों की वापसी का पूरा खर्च उठाने का एलान किया है।
झारखंड सरकार ने केंद्र को यूक्रेन में फंसे लोगों की सूची दी
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यूक्रेन में फंसे राज्य के लोगों की जानकारी दी। उन्होंने पत्र में भारत सरकार के संबंधित अधिकारियों को उनकी सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया। अपने पत्र में सोरेन ने लिखा कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध बढ़ता जा रहा है। लगभग 20,000 भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं, जिनमें 18,000 छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हमारे ऑफिस में हर रोज उन छात्रों के परिजन फोन कर जानकारी मांग रहे हैं, जो यूक्रेन में फंसे हुए हैं। आपकी ओर से आई शीघ्र प्रतिक्रिया निश्चित रूप से चिंतित परिवारों को आश्वासन देगी।