झारखंड के बोकारो में बीते गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की मौत मामले में राज्य की सियासत में गर्माहट तेज है। इसी बीच बोकारो जिला प्रशासन ने सीआईएसएफ कर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज की घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस लाठीचार्ज में एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना के बाद, प्रशासन ने बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के नजदीकी इलाकों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू कर दिया है। बता दें कि यह घटना गुरुवार को हुई जब 'बीएसएल विस्थापित अप्रेंटिस संघ' के तहत लोग अपनी मांगों के लिए स्टील प्लांट के प्रशासनिक भवन के पास प्रदर्शन कर रहे थे।
घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित
मृतक को 25 लाख का मुआवजा
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लाठी चार्ज के चलते शुक्रवार को शहर में दिखा आक्रोश
गौरतलब है कि इस घटना के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस, आजसू पार्टी और जेएलकेएम सहित कई राजनीतिक दलों ने आंदोलनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ बोकारो बंद का आयोजन किया। इस दौरान कांग्रेस की बोकारो विधायक श्वेता सिंह को पुलिस ने एहतियात के तौर पर हिरासत में लिया था, लेकिन शनिवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद, श्वेता सिंह ने कहा कि मुझे आंदोलन को कमजोर करने के लिए हिरासत में लिया गया था, मैं विस्थापितों के अधिकारों के लिए लड़ रही हूं।