उत्तरी गोवा के मोपा में स्थित मनोहर अतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था। विधायक जीत अरोलकर ने कहा, धनगर (चरवाहा) समुदाय के लोगों को हवाईअड्डा परियोजना के पास 36,000 वर्ग मीटर जमीन मंजूर की गई थी।
मनोहर अंतरराट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण के कारण जिन लोगों की जान चली गई है, उन्हें अभी तक वैकल्पिक जमीन नहीं मिली है। यह बात मंगलवार को गोवा विधानसभा में महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के विधायक जीत अरोलकर ने कही।
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उत्तरी गोवा के मोपा में स्थित मनोहर अतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।
विधानसभा में चर्चा के दौरान अरोलकर ने कहा, धनगर (चरवाहा) समुदाय के लोगों को हवाईअड्डा परियोजना के पास 36,000 वर्ग मीटर जमीन मंजूर की गई थी, जिसमें से उन्हें केवल 11,200 वर्ग मीटर आवंटित किया गया था। उन्होंने कहा, शेष क्षेत्र में (36,000 वर्ग मीटर में से) जमीन का एक टुकड़ा है जहां धनगर समुदाय के लोग अपने अनुष्ठान करते हैं।
महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी के नेता ने दावा किया कि वह इलाका हवाई अड्डे का हिस्सा नहीं है और अभी नागरिक उड्डयन मंत्रालय के पास है। उन्होंने राज्य सरकार से धनगर को जमीन सौंपने की अपील की।
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भाजपा विधायक प्रवीण अर्लेकर ने कहा कि स्थानीय लोगों को नए हवाई अड्डे पर नियोजित किया गया है और जिन युवाओं को मोपा में विमानन कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षित किया गया था, वे वर्तमान में बेरोजगार हैं। अर्लेकर पेरनेम से विधायक हैं।
वहीं इन दावों पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा, नए हवाई अड्डे पर 2,263 लोग कार्यरत हैं और उनमें से 1,301 स्थानीय पेरनेम तालुका से हैं। उन्होंने कहा कि कौशल केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों को भविष्य में नौकरी दी जाएगी।