बिहार में महागठबंधन में बढ़ती दरार की खबरों को तब और हवा मिल गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक कार्यक्रम में शनिवार को उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पहुंचे ही नहीं। इतना ही नहीं, तेजस्वी की अनुपस्थिति में नीतीश अपनी कुर्सी राजद के एक मंत्री के पास से खिसकाकर जदयू के एक मंत्री के पास ले गए। इन दोनों घटनाओं को जदयू और राजद के बीच बढ़ती दूरी के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, ‘विश्व युवा कौशल दिवस’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों को शामिल होना था। सरकार के इस कार्यक्रम में तेजस्वी का नाम विशिष्ट अतिथियों की सूची में शामिल था और मंच पर तेजस्वी के लिए कुर्सी और नेमप्लेट भी रखी गई थी।
लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक उनकी नेमप्लेट को नीले गत्ते से ढंककर उनका इंतजार किया गया। लेकिन जब वह नहीं पहुंचे तो नेमप्लेट हटाकर उनकी कुर्सी पर योजना एवं विकास विभाग के मंत्री ललन सिंह बैठे पाए गए। वहीं, मंच पर श्रम संसाधन मंत्री और राजद नेता विजय प्रकाश के पास बैठे नीतीश भी अपनी कुर्सी जदयू के मंत्री राजीव रंजन सिंह के पास खिसकाकर ले गए।
इन दोनों घटनाओं के बाद राज्य में दोनों दलों के बीच सियासी रिश्ता खत्म होने की अटकलें तेज हो गई हैं।