स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह अपने भेजे पत्र के उत्तर के रुप में प्रधानमंत्री से पत्र की उम्मीद कर रही थी। मगर वह तो पहले ही लंदन चले गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से कोई भी सामाजिक मूल्यों पर उपदेश नहीं सुनना चाहता। उनको ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे देश में बलात्कार की घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने अनशन स्थल पर सभी दलों के लोगों का स्वागत किया। ताकि, सब एक साथ होकर बेटियों को सुरक्षा प्रदान कर सकें। उन्होंने लोगों से उन्हें कमजोर महसूस न होने देने की अपील की। स्वाति मालीवाल का रोजाना हेल्थ चेकअप हो रहा है। उनका स्वास्थ्य अभी ठीक बताया जा रहा है।
एम्स के डॉक्टरों ने स्वाति का किया समर्थन
दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पांच दिनों से अनशन पर बैठीं दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल को एम्स के डॉक्टरों ने समर्थन दिया। उन्होंने मंगलवार शाम राजघाट स्थित धरनास्थल पर स्वाति मालीवाल से मुलाकात की। साथ ही देश भर में हो रहे दुष्कर्मों के खिलाफ आवाज बुलंद की। एम्स रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के बैनर तले डॉक्टरों ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। उनसे छह महीने के भीतर दुष्कर्म पीड़िताओं को न्याय दिलाने की मांग की है।
आरडीए अध्यक्ष डॉ. हरजीत सिंह भट्टी ने कहा कि पहले यूपी फिर जम्मू और सूरत में हुई घटनाएं निंदनीय हैं। मासूम बच्चियों के साथ घिनौने कृत्य करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। लेकिन, दुर्भाग्य है कि ऐसे अपराधियों को न समाज से डर है और न ही कानून व्यवस्था से। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से अपील की है कि सरकार को दुष्कर्म पीड़िताओं के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट शुरू करना चाहिए और छह महीने के भीतर पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए।