जयपुर में भाजपा विधायक दल की बैठक
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राजस्थान में एक महीने तक चले सियासी उठापटक के बाद गुरुवार को जयपुर में भाजपा मुख्यालय में विधायक दल की बैठक हुई। बैठक में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी मौजूद रहीं। गौरतलब है कि शुक्रवार से विधानसभा का सभा का सत्र शुरू होने वाला है। वसुंधरा राजे राज्य में 36 दिन चले राजनीतिक संकट के बाद पहली बार राजधानी पहुंचीं। शुक्रवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हैं।
भाजपा विधायक दल की बैठक दो बार टलने के बाद गुरुवार को पार्टी मुख्यालय में केंद्रीय नेताओं की अगुवाई में बैठक हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, राजस्थान प्रभारी अविनाश राय खन्ना के साथ पूर्व सीएम वसुंधरा राजे मौजूद हैं। माना जा रहा है कि भाजपा के अंदर पनप रहे असंतोष को दूर करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है।
बता दें कि यह बैठक पहले मंगलवार को होनी थी जिसे टाल दिया गया था। बताया जा रहा था कि भाजपा के दो दर्जन से अधिक विधायक गुजरात गए हुए थे, जिनकी वापसी को देखते हुए बैठक को आगे बढ़ाया गया था।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि भाजपा विधायक दल की बैठक में प्रदेश के आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, सरकार को हर मोर्चे पर घेरने की रणनीति तैयार की जाएगी और हमारे विधायक मुखर होकर सदन में अपनी बात रखेंगे।
कांग्रेस में जारी खींचतान पर कटाक्ष करते हुए पूनिया ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान को राजस्थान की जनता से कोई सरोकार नहीं है इसलिए कांग्रेस और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की जनता के साथ टाइम पास-टाइम पास खेल रहे हैं। पूनिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गहलोत व उनकी सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो चुकी है और किसान कर्ज माफी सहित किए गए तमाम वादों को अभी तक पूरा नहीं किया है। इससे यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री जनता के साथ छलावा कर रहे हैं।
14 अगस्त से विधानसभा सत्र
विधानसभा सत्र शुक्रवार यानि 14 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। गहलोत खेमे के विधायक बुधवार को जैसलमेर से जयपुर लौट आए हैं। उन्हें फिर से जयपुर के होटल फेयर मॉन्ट में ठहराया गया है, जहां से वे 31 जुलाई को जैसलमेर गए थे। गहलोत ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर कहा कि ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव, भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो। यही प्रदेशवासियों और लोकतंत्र के हित में है।'