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नीट पीजी पेपर लीक मामला: पीएमसीएच अग्निकांड जांच में बड़े घोटाले का हुआ पर्दाफाश, 55 डॉक्टर संदेह के घेरे में

Fri, 17 Jan 2025 07:13 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

मामले में अधिकारियों को संदेह है कि एक संगठित गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा था। अब तक 55 डाक्टरों को जांच के दायरे में लिया गया है, जिनमें से 12 डॉक्टर एम्स से एमबीबीएस कर चुके हैं। 
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पीएमसीएच अग्निकांड - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) के चाणक्य बॉयज हॉस्टल में सात जनवरी को लगी आग ने मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में चल रहे एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और स्थानीय पुलिस दोनों जांच में जुटी हैं। शुरुआती जांच में मिले सबूत इस आग को महज दुर्घटना नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का हिस्सा बता रहे हैं, जिसमें मेडिकल परीक्षा माफियाओं की गहरी संलिप्तता सामने आई है। सीबीआई इस मामले को नीट-2024 पेपर लीक से जोड़कर देख रही है।
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मामले में अधिकारियों को संदेह है कि एक संगठित गिरोह मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर रहा था। अब तक 55 डाक्टरों को जांच के दायरे में लिया गया है, जिनमें से 12 डॉक्टर एम्स से एमबीबीएस कर चुके हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि चाणक्य हॉस्टल के कमरे एल आर-42 पर डॉ. अजय का अवैध कब्जा था। वह मेडिकल परीक्षाओं में सेटिंग कर छात्रों को पास कराने का रैकेट चला रहा था। हॉस्टल प्रशासन को उसकी अवैध मौजूदगी की जानकारी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जले हुए नोट और ओएमआर शीट ने खोली पोल
आग बुझने के बाद जब पुलिस ने छानबीन की, तो कमरे से नीट पीजी के एडमिट कार्ड, आर्यभट्ट विश्वविद्यालय की ओएमआर शीट, लाखों रुपये के जले हुए नोट और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। इससे संकेत मिलता है कि यह गिरोह लंबे समय से मेडिकल परीक्षाओं में हेराफेरी कर रहा था।
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एम्स डॉक्टरों के ब्लैंक चेक जब्त
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस को एम्स से एमबीबीएस कर चुके तीन डाक्टरों डॉ. अतुल, डॉ. भागवत और डॉ. नसीम के ब्लैंक चेक मिले। इसके अलावा, नीट पीजी 2021 और 2022 के एडमिट कार्ड भी बरामद हुए, जिससे पता चलता है कि यह गिरोह वर्षों से परीक्षा माफियाओं के लिए काम कर रहा था। सीबीआई और पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापे मार रही है। कई मेडिकल कॉलेजों के छात्रों और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ जारी है। जल्द ही कुछ और बड़े नाम इस घोटाले में सामने आ सकते हैं।
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