चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने बुधवार को नीतीश कुमार की नई सरकार पर तंज कसा है। बिहार में जन सुराज अभियान चला रहे प्रशांत किशोर ने बिहार की राजनीति को लेकर भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि बिहार में जल्द ही एक बार फिर बड़ा उलटफेर होगा। इस दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि अगर बिहार में नवगठित 'महागठबंधन' सरकार अगले एक या दो साल में पांच से 10 लाख नौकरियां मुहैया कराती है तो वह अपना अभियान वापस ले लेंगे और सरकार को अपना समर्थन देंगे।
बिहार में जमीन तलाश रहे प्रशांत किशोर
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर भी बिहार में अपनी राजनीति के लिए जमीन तलाश रहे हैं। इस बाबत उन्होंने जन सुराज अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत वह बिहार के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर लोगों के बीच अपनी फिजा बना रहे हैं। उन्होंने अपने इस अभियान के क्रम में अगले दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती के मौके पर चंपारण से पूरे बिहार की एक यात्रा शुरू करने का एलान भी कर रखा है।
'नीतीश कुमार सीएम पद पर बने रहने के लिए फेविकोल यूज करते हैं'
जन सुराज अभियान के क्रम में ही वह बुधवार को समस्तीपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि राजद-जद (यू)-कांग्रेस सरकार को लोगों का समर्थन प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार सीएम पद पर बने रहने के लिए फेविकोल (चिपकने वाला ब्रांड) का इस्तेमाल करते हैं, जबकि बाकी के दल उनके इर्द-गिर्द घूमते रहते हैं।
फिर होगा बिहार की राजनीति में उलटफेर
दिग्गज चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने अपने संबोधन में अगले विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक बार फिर उथल-पुथल की भविष्यवाणी की। उन्होंने कहा कि 'बिहार के राजनीतिक क्षेत्र में आए मुझे अभी तीन महीने ही हुए हैं और राज्य की राजनीति ने 180 डिग्री का मोड़ ले लिया है. आने वाले समय में राज्य में और राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिलेगी।'
अपने संबोधन में उन्होंने तेजस्वी यादव के 10 लाख लोगों को रोजगार देने के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि अगले एक से दो साल में पांच से 10 लाख नौकरियां प्रदान की जाती हैं तो मैं अपना जन सूरज अभियान वापस ले लूंगा और नीतीश कुमार सरकार को समर्थन दूंगा।
तेजस्वी और नीतीश कुमार ने दिया था बयान
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने हाल ही में कहा था कि उनकी पार्टी, नई सरकार के हिस्से के रूप में, 2020 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए 10 लाख रोजगार देने के वादे को पूरा करेगी।
इसके बाद नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण के दौरान कहा था कि हमारा लक्ष्य राज्य के सरकारी और निजी क्षेत्रों में 20 लाख लोगों को रोजगार देना है। नई पीढ़ी (तेजस्वी यादव) के लोग हमारे साथ हैं, इसलिए, हम रोजगार देने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाना है।