गुजरात पुलिस ने एक अधिसूचना के जरिये यह जानकारी दी है कि स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स (एसआरपीएफ) की हर एक प्लाटून उन 10 थिएटरों और मल्टीप्लेक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम करेंगी जिन्होंने फिल्म ‘पद्मावत’ को दिखाने का फैसला किया है या इसे प्रदर्शित करने की इच्छा जताई है। पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक, सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व वाली एसआरपीएफ की एक एक प्लाटून उन सात थिएटरों और मल्टीप्लेक्स पर तैनात की जाएंगी जिन्होंने फिल्म दिखाने का फैसला किया है।
हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-308 के तहत दर्ज होगा मामला
इतना ही नहीं उन तीन थिएटरों पर भी एक-एक पुलिस प्लाटूनों की तैनाती होगी जिन्होंने फिल्म दिखाने को लेकर अभी तक कोई अंतिम फैसला तो नहीं किया है लेकिन इसके प्रदर्शन की इच्छा जरूर दिखाई है। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि फिल्म के विरोध में हिंसक प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा-308 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत दोषी को तीन साल कैद का प्रावधान है।
सूरत पुलिस कमिश्नर ने चेताया, पुलिस के धैर्य की परीक्षा न लें हिंसा भड़काने वाले
इस बीच रविवार की रात से राज्य में फिल्म के विरोध में हिंसक प्रदर्शन नहीं देखे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) ने भी मेहसाणा, बनासकांठा, गांधीनगर, पाटण एवं साबरकांठा सहित राज्य के उत्तरी हिस्सों में बस सेवा शुरू कर दी है।
सूरत में हिंसक प्रदर्शन को लेकर पांच एफआईआर दर्ज, 23 लोग किए गए गिरफ्तार
सूरत पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने बताया कि रविवार को शहर के कुछ हिस्सों में फिल्म के विरोध में हिंसक प्रदर्शन को लेकर पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं। सड़क जाम करने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि हिंसा भड़काने वाले समूहों के नेता पुलिस के धैर्य की परीक्षा न लें।