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RSS: एक कुआं, एक श्मशान अभियान को आगे बढ़ाएगा संघ, आज होगी राष्ट्रीय एकता पर चर्चा

Mon, 12 Sep 2022 04:30 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर/नई दिल्ली।

सार

संघ की निगाहें अपने अनुषांगिक संगठनों के जरिए उन वर्गों में प्रभाव बढ़ाने की है जहां उसकी पहुंच कम है। इस क्रम में मलिन बस्तियों में पहुंच बनाने की रणनीति तैयार की गई है। संघ की योजना अपने स्वर्ण शताब्दी वर्ष में सनातन धर्म से जुड़े सभी वर्गों में अपनी पहुंच बनाने की है।
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आरएसएस (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को शुरू हुई राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय समन्वय बैठक में दो दिनों में सामाजिक समरसता, गो सेवा और साल 2025 के स्वर्ण शताब्दी वर्ष में हर गांव तक पहुंच बनाने पर चर्चा हुई।

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संघ की निगाहें अपने अनुषांगिक संगठनों के जरिए उन वर्गों में प्रभाव बढ़ाने की है जहां उसकी पहुंच कम है। इस क्रम में मलिन बस्तियों में पहुंच बनाने की रणनीति तैयार की गई है। संघ की योजना अपने स्वर्ण शताब्दी वर्ष में सनातन धर्म से जुड़े सभी वर्गों में अपनी पहुंच बनाने की है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न वर्गों के बीच दूरियों को पाटने की रणनीति तैयार की गई है। प्रयोग के तौर पर संघ एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में एक कुआं, एक श्मशान अभियान को आगे बढ़ाएगा। संघ के प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर सोमवार को बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तार से जानकारी देंगे।

आज होगी राष्ट्रीय एकता पर चर्चा
राष्ट्रीय एकता, धर्म जागरण, पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषय पर सोमवार को चर्चा होगी। इसके बाद अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख दोपहर में तीन दिवसीय बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों की जानकारी देंगे।
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गोसेवा के आर्थिक पक्ष पर मंथन
बैठक में गो सेवा पर लंबा विचार विमर्श हुआ। इस दौरान गांवों में गो पालन को बढ़ावा देने के लिए इससे जुड़े आर्थिक पक्ष को सामने लाने पर सहमति बनी। संघ के सूत्र के मुताबिक गो उत्पाद की मांग बढ़ने की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों को नहीं है। आज गो मूत्र, गाय का घी, गोबर, उपलों की भारी मांग है। ग्रामीण क्षेत्र इससे जुड़े बाजार से परिचित नहीं है। ऐसे में तय किया गया कि गोपालन को बढ़ावा देने के लिए गो उत्पाद से जुड़े आर्थिक लाभ की जानकारी देने, इसके लिए बाजार विकसित करने और खासकर देसी गाय पालन को वरीयता देने  के लिए जनजागरण की योजना बनाई गई है।

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