छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ चल रही है। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को दो नक्सलियों के शव मिले हैं। हालांकि मुठभेड़ अभी जारी है। पिछले कुछ दिनों से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच ऑपरेशन की खबरें आ रही हैं। शुक्रवार को बीजापुर में मुठभेड़ हुई थी।
छत्तीसगढ़ और तेलंगाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लगभग 10 नक्सली मारे गए थे। इनमें से सात नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए थे। बीजापुर के पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने बताया था कि यह मुठभेड़ शुक्रवार सुबह आईपेंटा गांव के समीप जंगल में हुई थी। दरअसल, संयुक्त बल को एक खुफिया सूचना मिली थी कि जंगल में नक्सलियों ने ठिकाने बना रखे हैं। इसके बाद तेलंगाना पुलिस की एक एंटी नक्सल यूनिट और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने जंगल में तलाशी अभियान चलाया था।
आईपेंटा में पेट्रोलिंग करते वक्त नक्सलियों ने संयुक्त बल पर फायरिंग शुरू कर दी जिसकी जवाबी कार्रवाई में ये नक्सली मारे गए थे। लगभग एक-डेढ घंटे चली मुठभेड़ के बाद आखिरकार नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए और वे घने जंगल की आड़ लेकर भाग गए थे। बस्तर पुलिस महानिरीक्षक विवेकानंद सिन्हा ने कहा था कि घटनास्थल की तलाशी के दौरान पांच महिला और दो पुरुष वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद हुए थे।
इससे पहले महाराष्ट्र में भी सुरक्षा बल के सी-60 कमांडो के बीच नकस्लियों की मुठभेड़ हुई थी। जिसमें 33 नक्सली को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था। पुलिस ने एंटी-नक्सल ऑपरेशन के तहत कार्रवाई की थी। इस मुठभेड़ को चार सालों में पुलिस द्वारा नक्सलियों पर की गई सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा था। इससे पहले तीन अप्रैल को महाराष्ट्र पुलिस ने मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को मार दिया था। जिसमें दो महिलाएं भी शामिल थीं।