फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गूगल के खिलाफ नहीं दर्ज होगा मानहानि का मुकदमा

Thu, 08 Sep 2016 04:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला न्यायालय ने गूगल सर्च इंजन के खिलाफ दाखिल निगरानी खारिज कर दी है और अवर न्यायालय के आदेश की पुष्टि कर दी है। यह आदेश एडीजे जयतेंद्र कुमार ने एडीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरि को सुनकर दिया है।
विज्ञापन


अभियोजन के  अनुसार भाजपा नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्र ने गूगल सर्च इंजन, लेरी पेग सीईओ अमेरिकी मल्टीनेशनल कंपनी और भारत में कंपनी के उपाध्यक्ष राजन आनंदन, हैदराबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की अर्जी सीजेएम कोर्ट में दाखिल की थी, जो खारिज हो गई थी।

वादी ने इस आदेश के खिलाफ जिला जज के न्यायालय में रिवीजन दाखिल किया। आरोप है कि गूगल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि धूमिल करने की नीयत से टॉपटेन अपराधियों की सूची में उनकी फोटो पोस्ट की थी। वादी का कहना है कि इससे भारत के नागरिकों की छवि खराब हुई है, जिसके कारण विपक्षी पर मानहानि का अपराध बनता है।
विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

वादी 156(3) के तहत वाद दाखिल करने के लिए अधिकृत नहीं

- फोटो : GettyImages
निगरानी खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा है कि मानहानि का अपराध असंज्ञेय प्रकृति का है, जिसमें प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकती है। सीआरपीसी की धारा 199(1) में केवल मानहानि से व्यथित व्यक्ति ही परिवाद दाखिल कर सकता है।

​इसके अतिरिक्त अन्य की ओर से परिवाद दाखिल करने की कुछ शर्तें हैं, जो इस मामले में पूरी नहीं हो सकती हैं। संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के संबंध में लोक अभियोजक के द्वारा ही प्रस्तुत परिवाद पर सेशन कोर्ट संज्ञान ले सकते हैं। वादी 156(3) के तहत वाद दाखिल करने के लिए अधिकृत नहीं है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें