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शहाबुद्दीन ने लालू को कहा अपना नेता, नीतीश को परिस्थितिवश CM बताया

Mon, 12 Sep 2016 02:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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शहाबुद्दीन - फोटो : ANI
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बिहार का बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन शनिवार को जेल से बाहर आ गया। वह सीवान में हुए चर्चित राजेश रोशन मर्डर केस के मामले में जेल में बंद था। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उसने कहा कि वह 10 नहीं 13 साल  बाद अपने गांव जा रहा है।  वह राजनैतिक आदमी है। जैसे लालू जेल गए और रिलीज हुए वैसे ही वह भी जेल गया और आज रिलीज हुआ है। 
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मीडिया द्वारा नीतीश कुमार पर सवाल करने पर शहाबुद्दीन ने कहा कि वह परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं। ऐसी स्थितियां बनी कि उन्हें प्रदेश की गद्दी मिली। वहीं अपने बारे में उन्होंने कहा कि वह अपनी इमेज नहीं चेंज करेंगे। मैं जैसा हूं, वैसे ही लोग मुझे 26 सालों से पसंद कर रहे हैं।
  Why would I try to change my image? People have accepted me the way I am for 26 years: Mohammad Shahabuddin pic.twitter.com/Ky3xwHu4Oy — ANI (@ANI_news) September 10, 2016
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 बताते चलें कि हत्या, रंगदारी, किडनैपिंग और तेजाब कांड के लिए कुख्यात रहे शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमानत मिली है। 

जेल से निकलने के बाद शहाबुद्दीन सुबह तकरीबन 7 बजे अपने काफीले के साथ भागलपुर से सीवान के लिए रवाना हुए। उनके गृहजनपद में भी उनके स्वागत के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है।
  This has got nothing to do with politics, judicial has its own procedures: Mohammad Shahabuddin pic.twitter.com/ijAkc3O2de — ANI (@ANI_news) September 10, 2016


वहीं, बीजेपी का कहना है कि शहाबुद्दीन के बाहर आने की खबर से लोग डरे हुए हैं। सुशील मोदी ने कहा कि लालू के दबाव में नीतीश ने केस को कमजोर कर दिया है। हालांकि, साल 2005 में नीतीश की सरकार आने के बाद से ही वह जेल में था। 
  We all know I was framed. But it was Court who jailed me, Court has released me: Mohammad Shahabuddin pic.twitter.com/KqWBM8pUvu — ANI (@ANI_news) September 10, 2016
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किस मामले में मिली जमानत

शहाबुद्दीन
16 अगस्त 2004 को सीवान के गोशाला रोड में रहने वाले कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद के दो बेटों सतीश और गिरीश का अपहरण हुआ था। चंदा बाबू की पत्नी कलावती देवी के बयान के बाद जांच में शहाबुद्दीन का नाम सामने आया। इसके बाद किडनैप हुए सतीश और गिरीश के बड़े भाई राजीव रोशन ने अपनी गवाही में खुलासा किया था कि शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उसके दोनों भाइयों को तेजाब में डूबोकर मार डाला गया था।

शहाबुद्दीन नवंबर 2005 से जेल में बंद थे। हाईकोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच, 16 जून 2014 को अहम गवाह राजीव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें शहाबुद्दीन और उनके बेटे ओसामा आरोपी हैं।
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