केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि मायावती ने एससी-एसटी एक्ट को कमजोर करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस कानून को मजबूत बनाने का काम कर रही है।
शुक्रवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जो विपक्ष एससी-एसटी एक्ट मामले पर भाजपा सरकार पर आरोप लगा रहा है, दरअसल एससी-एसटी के असली दुश्मन वही हैं। प्रसाद ने कहा कि मायावती दलितों की राजनीति करती है, लेकिन सीएम रहते उनके मुख्य सचिव शम्भूनाथ ने 20 मई 2007 को निर्देश जारी किया था कि बलात्कार और हत्या के मामले में ही एससी-एसटी एक्ट के तहत ही सीधी कार्रवाई हो। छोटी मोटी घटनाओं में सामान्य अपराध के तहत ही मामला दर्ज किया जाए।
इसके अलावा तब आदेश में कहा गया था कि बलात्कार के मामले में चिकित्सीय रिपोर्ट के फलस्वरूप प्रथम दृष्टया अपराध की पुष्टि होने के बाद ही एससी-एसटी अधिनियम के तरह मुकदमा दर्ज किया जाए। क्या इससे ज्यादा कोई अमानवीय निर्देश हो सकता है। अपनी सरकार में ऐसा निर्देश जारी करने वाली मायावती आज हम पर आरोप लगा रही है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार एससी-एसटी एक्ट को मजबूत करने का काम कर रही है। 1989 में एससी-एसटी एक्ट आया था, लेकिन 2015 में
मोदी सरकार ने इसे और मजबूत किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने एससी-एसटी के लिए मुआवजा राशि बढ़ाया है। भाजपा के पास सबसे ज्यादा दलित सांसद, मेयर और विधायक हैं और इस वजह से विपक्ष को परेशानी हो रही है।