Madhya Pradesh Home Minister Narottam Mishra
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीन के ट्रायल के बीच मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बड़ा एलान किया है। उन्होने कहा है कि 'कोवाक्सिन' के ट्रायल के लिए वो खुद वालंटियर बनेंगे।
नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि 'मैं कोविड-19 वैक्सीन के परीक्षण के लिए वालंटियर बनने को तैयार हूं। मैं डॉक्टरों से बात करूंगा। अगर हमारे जैसे लोग आगे आते हैं तो अन्य लोग भी वालंटियर के रूप में तैयार होंगे।'
मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को कहा था कि 'भोपाल में को वैक्सीन के ट्रायल के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं। भोपाल के लोग इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे इसलिए अभी तक शहर के सिर्फ एक निजी मेडिकल कॉलेज में को वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो पाया है। दूसरे सरकारी मेडिकल कॉलेज जीएमसी में सारी व्यवस्था होने के बाद भी ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा। क्योंकि लोग ट्रायल के लिए आगे नहीं आ रहे।'
भोपाल में सबसे कम वालंटियर आए सामने
इस वक्त देश में स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन के तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। भोपाल में भी इसका ट्रायल किया जा रहा है, लेकिन यहां पिछले छह दिन में सबसे कम केवल 45 वालंटियर ही ट्रायल के लिए आए हैं जबकि अलीगढ़ में सबसे ज्यादा वालंटियर ट्रायल के लिए सामने आए। अलीगढ़ में यह संख्या 800 से भी ज्यादा है। यही वजह है कि गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि वह खुद वालंटियर बनने के लिए तैयार हैं।
ट्रायल के बाद मिलेगी अनुमति
किसी भी वैक्सीन का अलग-अलग चरणों में ट्रायल किया जाना जरूरी होता है। ट्रायल सफल होने के बाद ही इसे आम लोगों पर इस्तेमाल की अनुमति दी जाती है। कोरोना से निजात के लिए यूं तो दुनिया भर में कई वैक्सीन बन रही हैं, लेकिन स्वदेशी 'कोवाक्सिन' का भारत में तीसरे चरम का ट्रायल चल रहा है। ऐसे में अगर वालंटियर ट्रायल के लिए सामने नहीं आएंगे तो फिर इसके आने में और वक्त लग सकता है।