दिल्ली लॉकडाउन के फैसले के बाद आनंद विहार बस टर्मिनल पर प्रवासी कामगारों की भीड़
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कोरोना संक्रमण पर काबू पाने के लिए राज्यों में लगे लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों का पलायन फिर शुरू हो गया है। ऐसे में दिल्ली और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर मध्यप्रदेश पहुंच रहे हैं। इन मजदूरों की कोरोना जांच और उन्हें क्वारंटीन करने को लेकर मध्यप्रदेश सरकार ने अभी तक कोई तैयारी नहीं है। एक तरफ जहां सूबे के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा दो माह से बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री प्रवासी मजदूरों पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
अमर उजाला ने जब प्रवासी मजदूरों की स्थिति को लेकर राज्य के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग से बात की तो सारंग ने अपना पुराना बयान दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार मजदूरों का पंजीयन कर रही है। उन्हें रोजगार प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रही है। प्रवासी मजदूरों की कोरोना जांच और क्वारंटीन सेंटर रोकने की व्यवस्था पर वह कुछ बताने में असमर्थ रहे।
प्रवासी मजदूरों के मध्यप्रदेश आने और उनकी जांच की व्यवस्था को लेकर अमर उजाला ने जब राज्य के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा से सवाल किया, तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे विगत दो माह से पश्चिम बंगाल के चुनाव में व्यस्त हैं।
इसके बाद जब अमर उजाला ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी से चर्चा की, तो उन्होंने बैठक में होने का हवाला दिया।
लॉकडाउन के बीच दिल्ली से मध्यप्रदेश के छतरपुर आ रही मजदूरों से भरी बस मंगलवार सुबह पलट गई। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 15 से ज्यादा मजदूर लोग घायल हो गए। बस में सवार अन्य यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई।
गौरतलब है कि, मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है। प्रदेश में ऑक्सीजन, बेड समेत अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 12,897 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 4,20,977 तक पहुंच गई है।