जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत लगभग फाइनल हो गई है। यहां पर कांग्रेस के खाते में दो सीटें आई हैं,जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर से चुनाव लड़ेंगे। बाकी बची तीन सीटों पर राहुल गांधी और फारूक अब्दुल्ला फ्रेंडली मैच खेलेंगे।
इन सीटों में अनंतनाग, बारामुला और लद्दाख शामिल हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी अभी भी इस प्रयास में लगी है कि उसे लद्दाख सीट भी मिल जाए। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, जम्मू-कश्मीर मामलों की पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला के बीच हुई बातचीत में यह तय हुआ है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में जम्मू-कश्मीर में पांच चरणों में चुनाव हुए थे। इनमें भाजपा को तीन, पीडीपी को 2 और नेशनल कॉन्फ्रेंस को एक सीट मिली थी।
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने दोस्ताना जंग यानी फ्रेंडली मैच को परिभाषित करते हुए बताया, यहां पर सियासी लड़ाई का मतलब है कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच गलाकाट मुकाबला नहीं होगा। फ्रेंडली मैच वाली सीटों पर दोनों दल अपने-अपने प्रत्याशी उतारेंगे, लेकिन दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव जीतने के लिए जो जीत-हार की बाजी लगती है, वह यहां पर देखने को नहीं मिलेगी।
भले ही कांग्रेस जीते या फिर नेशनल कॉन्फ्रेंस, यह दोनों दलों के लिए जीत होगी।कांग्रेस पार्टी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के गठबंधन से पहले इस तरह की चर्चाओं का बाजार भी खूब गर्म रहा था कि पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो सकता है।
हालांकि बाद में पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने यह कह कर कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी छह सीटों पर चुनाव लड़ेगी, गठबंधन की चर्चाओं को विराम दे दिया था। कांग्रेस पार्टी का मानना है कि जम्मू-कश्मीर में उनके गठबंधन की तीन सीटों पर जीत लगभग तय है।