माकपा की प्रदेश शाखा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीते आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पांच सौ और हजार के नोटों पर पाबंदी लगाने के ऐलान से महज कुछ घंटे पहले ही प्रदेश भाजपा ने यहां अपने बैंक खाते में एक करोड़ रुपये जमा कराए थे। माकपा के मुखपत्र गणशक्ति में छपी एक रिपोर्ट में यह आरोप लगाया गया है। इसमें बैंक के ब्योरे के साथ खाता संख्या का भी जिक्र है। दूसरी ओर, भाजपा ने इस आरोप का खंडन किया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पार्टी ने यहां इंडियन बैंक की चित्तरंजन एवेन्यू शाखा में स्थित अपने खाते में उक्त रकम जमा कराई थी। उसमें 60 लाख रुपये एक हजार के नोटों की शक्ल में थे और बाकी 40 लाख 500 के नोटों की शक्ल में। माकपा का दावा है कि प्रधानमंत्री के ऐलान से महज कुछ देर पहले ही उक्त रकम जमा कराई गई थी। इस रिपोर्ट में सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि क्या भाजपा के करीबी लोगों को सरकार के फैसले की पहले से जानकारी थी और उन लोगों ने इसका फायदा उठाया?