जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में अनिवार्य हाजिरी का विरोध शुरू हो गया है। छात्रों ने विरोध स्वरूप रजिस्टर पर हाजिरी लगाना बंद कर दिया है। वहीं, विरोध में 2500 छात्रों ने हस्ताक्षर करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ अपना रुख साफ कर दिया है।
जेएनयू कैंपस में वामपंथी ही नहीं, एबीवीपी भी हाजिरी को लेकर विरोध में आ खड़ा हुआ है। छात्रों का कहना है कि
आईआईटी में हाजिरी अनिवार्य है, लेकिन कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार (पहले आईआईटी दिल्ली में प्रोफेसर थे) ऐसे एजेंडे जेएनयू में नहीं थोप सकते हैं। यहां छात्रों की सहमति जरूरी होती है। एबीवीपी का कहना है कि वे इस मामले में छात्रों का साथ देंगे। यह विश्वविद्यालय प्रबंधन का गलत फैसला है।
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वामपंथी छात्रों ने कैंपस में हस्ताक्षर अभियान चलाया था, जिसमें अभी 25 सौ से अधिक छात्रों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। बता दें कि जेएनयू प्रबंधन ने हाजिरी अनिवार्य कर दिया है। यानी अब यदि किसी छात्र की हाजिरी नियमों के तहत कम होगी तो वह वार्षिक परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। हालांकि अभी तक अधिकतर छात्र कक्षा में पहुंचते ही नहीं थे। इसी के चलते स्कूल ऑफ लैंग्वेज की ओर से अन्य विश्वविद्यालयों की तर्ज पर हाजिरी अनिवार्य का प्रस्ताव आया था, जिसे तुरंत पास कर दिया गया था।