नई दिल्ली इलाके में मंगलवार को आयोजित होने वाली युवा हुंकार रैली या सोशल जस्टिस रैली को फिलहाल दिल्ली पुलिस की अनुमति नहीं मिल पाई है। देर रात तक पुलिस अधिकारी अनुमति देने पर विचार-विमर्श कर रहे थे। गुजरात के वडगाम से विधायक व दलित नेता
जिग्नेश मेवाणी व अन्यों की ओर से मंगलवार को रैली का आयोजन किया गया है।
रैली में
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद को मुक्त करने व अन्य अधिकारों पर चर्चा की जाएगी। रैली के दौरान जिग्नेश मेवाणी और असम के किसान नेता अखिल गोगोई अपने विचार रखेंगे। रैली में बड़ी संख्या में छात्रों व शिक्षकों के अलावा महिला संगठनों के आने की उम्मीद है।
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रैली के एक आयोजक और जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष मोहित कुमार पांडेय ने बताया कि रैली के लिए सभी को दोपहर 12 बजे संसद मार्ग पर इकठ्ठा होने के लिए कहा गया है। मोहित ने बताया कि दो जनवरी को रैली के आयोजन की घोषणा की गई थी।
तभी से उसे रोकने के काफी प्रयास किए गए। मोहित ने कुछ मीडिया संगठनों पर आरोप लगाते हुए कहा कि रैली के रोकने के लिए गलत खबरें चलाई गई। यहां तक कहा गया कि पुलिस ने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इसके अलावा जिग्नेश को देशद्रोही साबित करने के लिए कई पोस्टर तक लगा दिए गए। मोहित ने बताया कि मंगलवार को रैली में खासी भीड़ जुटने की उम्मीद है।