तीन तलाक पर भारत में चल रही बहस को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी आला हजरत दरगाह से चल रही है। 24 से 26 तक चलने वाले आला हजरत के उर्स में आने वाले दुनिया भर के आलिमों का पैनल बनाया जाएगा। चर्चा कर रास्ते निकाले जाएंगे कि सरकार की इस कोशिश को किस तरह रोका जा सकता है।
उर्स के दौरान यह मुद्दा उठाने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है। इसमें यह मुद्दा आलिमों के सामने रखा जाएगा कि भारत के संविधान में धर्म से लेकर जातीय आधार तक के कानून बने हुए हैं।
जिसको देश में रहने वाले हर मजहब और जाति के लोग मानते हैं और सम्मान करते हैं। ऐसे में कानून में बदलाव की कोई सूरत नजर नहीं आती। वह भी सिर्फ मुस्लिमों के पर्सनल लॉ में बदलाव की बात की जा रही है। जब कि शरीयत में बदलाव का अधिकार किसी को भी नहीं है, मगर भारत में नरेंद्र मोदी सरकार बदलना चाहती है।