शहर की जानी मानी चर्चित लेखक, फिल्मकार, चित्रकार आर्टिस्ट इरा टाक का नौवां सोलो शो जयपुर में 5 से 9 सितम्बर को होने जा रहा है, जिसे राजस्थान ललित कला अकादमी आयोजित कर रहा है। सोलो शो कार्यक्रम का टाइटल 'रोनडेवू विद कलर्स' रखा गया है। इरा टाक ने बताया कि रोनडेवू विद कलर्स फ्रेंच भाषा शब्द है जिसका मतलब 'रंगों से मुलाकात' या 'एक तयशुदा जगह पर मुलाकात' होता है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन पांच सितम्बर की शाम चार बजे राजस्थान ललित अकादमी के परिसर में स्थित गैलरी में अकादमी के चेयरमैन डॉ. अश्विन दलवी करेंगे। वहीं कार्यक्रम में सीएम के सचिव डॉ. के.के. पाठक विशेष अतिथि होंगे। सम्मानित अतिथि के रूप में पद्मश्री से सम्मानित कलाकार शाकिर अली, केयर संसथा की चेयरपर्सन अपरा कुच्छल व जानी-मानी लेखक गीताश्री उपस्थित रहेंगी।
जिंदगी के शेड्स आएंगे नजर
इरा टाक ने कहा कि मेरी ये नई सीरीज जिंदगी के शेड्स को एक कलाकार के नजरिए से दिखाती है और उसमें बेहतर दुनिया का ख्वाब लगातार झिलमिलाता हुआ नजर आएगा जिसमें बेहतर दुनिया का ख्वाब लगातार झिलमिलाता हुआ नजर आएगा। इरा ने बताया कि इस सीरीज को बनाने में उनको डेढ़ साल का वक्त लगा। पेंटिंग्स बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी, जिनकी कीमत दो हजार से लेकर अस्सी हजार रुपये तक है। प्रदर्शनी सुबह ग्यारह बजे से शाम छह बजे तक खुली रहेगी। जिसमें पचास पेंटिंग्स प्रदर्शित की जा रहीं हैं।
कुछ इस तरह की है आर्टिस्ट इरा टाक
पेंटिंग, लेखन और सिनेमा के अलग- अलग मीडियम में एक साथ काम करने वाली बीकानेर में जन्मी इरा टाक के बारे में विशेष बात यह है कि 2011 में उनकी पहली पेंटिंग 'स्ट्रोमपेट्रल' के सोशल साइट के माध्यम से न्यूयॉर्क, अमेरिका में बिकी, जिससे रंगों की दुनिया में उनका प्रवेश हुआ। फरवरी 2012 में उन्होंने पहली एकल प्रदर्शनी जयपुर में की थी।
चित्रकार के रूप में 2011 में एक अमेरिकन वेबसाइट यूटोपियन ने 'आर्टिस्ट ऑफ द ईयर' का अवार्ड दिया था। 2013-14 में उनका आर्ट वर्क 'बॉन्डिंग' ललित कला अकादमी ने राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी के लिए चयनित किया, उस वर्ष राजस्थान से केवल 3 का चयन हुआ था।
जुलाई 2018 में राजस्थान ललित कला अकादमी द्वारा किये गये 'राजस्थान147' में उनके आर्ट वर्क को जगह मिली और शो मुंबई की प्रसिद्ध कला दीर्घा जहागीर आर्ट गैलरी में हुआ था। उनके आर्ट वर्क अमेरिका, फ्रांस, बेल्जियम, लंदन, स्पेन जैसे कई देशों में बिकते रहे हैं, साथ ही साथ कई किताबों को उनके कवर प्रदान किये हैं।