पूरे परिवार को पांच साल सश्रम कारावास
- फोटो : demo
मध्य प्रदेश के जबलपुर में गबन के एक मामले में सीबीआई अदालत ने भ्रष्ट अधिकारी समेत उसके परिवार वालों को भी गुनाह में बराबर का दोषी मानते हुए कड़ी सजा दी है। अधिकारी के अलावा उसकी पत्नी, बेटे और बहू को पांच साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही हर एक पर ढाई लाख का जुर्माना भी लगाया है। सजा पाने वाला अधिकारी पर अकाउंटेंट रहते हुए 94 लाख रुपए के गबन का आरोप लगा था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक सीबीआई के विशेष सरकारी वकील प्रतीश जैन ने बताया कि जबलपुर के ग्वारीघाट रोड स्थित सुखसागर वैली में रहने वाले 61 वर्षीय सूर्यकांत गौर रक्षा लेखा विभाग में बतौर डेप्युटी अकाउंटेंट (उप लेखाकार) कार्यरत थे। आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरानअपनी 55 वर्षीय पत्नी विनीता गौर, 35 वर्षीय बेटे सुधीर गौर और 32 वर्षीय बहू सुनीता गौर के बैंक खातों में धन भेजकर हेराफेरी की।
सीबीआई ने 14 जुलाई 2010 को गौर के घर में छापेमारी की थी। उस दौरान सीबीआई को गौर की आय से उलट 94 लाख रुपए की विषंगती के रिकॉर्ड मिले थे। जिसके बाद सीबीआई ने गौर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत मे गौर और उनके परिवार को सश्रम कारावास की सजा और जुर्माना दोनों सुनाया।
सूर्यकांत का पांच वर्षीय नाती शिशिर गौर ही घर में अकेला बचा था। इसलिए परिवार के निवेदन पर गौर करते हुए अदालत ने बच्चे को जेल में उनके साथ रखने पर हामी भर दी है।