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मजिस्ट्रेट ने कोर्ट में दिखाई हिंसा की सीसीटीवी फुटेज, दिल्ली पुलिस को लगाई लताड़- गंभीर धाराओं में क्यों दर्ज नहीं हुआ केस

Tue, 02 Mar 2021 07:11 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली जल बोर्ड (Delhi Jal Board) के कार्यालय में हुई थी तोड़फोड़, दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता समर्थकों के साथ पहुंचकर कर रहे थे प्रदर्शन
  • जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने दर्ज कराई थी एफआईआर, जांच को लेकर कोर्ट ने गंभीर रूख दिखाया
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Delhi Jal Board - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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दिल्ली जल बोर्ड के ऑफिस में हुई हिंसा होने के मामले में आरोपियों पर हल्की धाराओं में केस दर्ज करने के मामले में कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। मजिस्ट्रेट ने कोर्ट रूम में ही मामले की सीसीटीवी फुटेज सबके सामने दिखाते हुए कहा कि जब मामला इतना स्पष्ट और गंभीर है, तो पुलिस ने आरोपियों पर बेहद हल्की धाराओं में केस दर्ज क्यों किया।

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अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महामारी एक्ट में कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज किया है, जो मामले में लीपापोती करने जैसा है। दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए अदालत ने पूछा कि इस मामले में गंभीर धाराओं में केस क्यों नहीं दर्ज किया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इस बात पर हैरत जताई कि दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच में इतनी लापरवाही कैसे बरत सकती है। इस मामले में घटनास्थल से संवेदनशील सूबतों को भी नहीं इकट्ठा किया गया और घटना के प्रत्यक्षदर्शियों से भी कोई पूछताछ नहीं की गई। कोर्ट ने कहा है कि एक संवेदनशील मामले की जांच के समय दिल्ली पुलिस का यह रवैया बेहद निराशाजनक है। इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कोर्ट ने जांच अधिकारी से अब तक जांच की प्रगति पर एक रिपोर्ट फाइल करने को भी कहा है।
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दरअसल, गत वर्ष 24 दिसंबर को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा की टीम ने दिल्ली जल बोर्ड पर एक प्रदर्शन किया था। इस दौरान कुछ लोगों ने जल बोर्ड के ऑफिस में घुसकर तोड़फोड़ की थी। जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने इस मामले में आदेश गुप्ता, योगेंद्र चंदोलिया और विकास तंवर सहित कुछ भाजपा नेताओं पर एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उन पर जानलेवा हमला करने की कोशिश भी की थी।

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