एक युवक की पैसों के विवाद में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तब आरोपियों ने सोचा भी नहीं होगा कि जितने पैसों के लिए उसकी हत्या कर रहे हैं उससे ज्यादा का जुर्माना भरना पड़ेगा और उम्रकैद की सजा भी काटनी पड़ेगी।
घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं की है, जहां साढ़े चार साल पहले पैसे के विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या करने वाले तीन भाइयों समेत पांच को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी मुजरिमों पर अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है।
यह सनसनीखेज हत्याकांड एक फरवरी 2013 को शाम करीब पांच बजे हुआ था। शहर कोतवाली के मुहल्ला जालंधरी सराय निवासी बबलू उर्फ इशरत अपने मौसेरे भाई बाबू खां के साथ नाहर खां सराय निवासी शहंशाह पुत्र रहमत मिस्त्री के यहां अपने उधार के रुपये लेने गया था।
उधारी न देनी पड़े इसलिए शहंशाह ने मुहल्ला सोथा निवासी तीन भाइयों कादिर, महसर और शब्बू को सुपारी दी थी। इन तीनों की बबलू से पहले से ही रंजिश चल रही थी।
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शहंशाह के घर उस वक्त नाहर खां सराय का अकरम भी बैठा था। यहां उधार के रुपये को लेकर विवाद शुरू हुआ। बाद में बबलू और उसका भाई बाबू खां बाइक से घर लौटने लगे तभी रास्ते में कलक्ट्रेट रोड पर कादिर, महसर और शब्बू ने उनकी बाइक रोक ली और बबलू के पेट में गोली मार दी।
पुलिस ने नाजुक हालत में बबलू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बबलू को बरेली रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बाबू खां ने कादिर, महसर, शब्बू, अकरम और शहंशाह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी प्रेम बाबू और बचाव पक्ष के वकीलों की बहस सुनने के बाद दिनदहाड़े हुई हत्या में नामजदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 69 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला गया है।