महिला की मौत के बाद ऐसा बवाल हुआ कि पुलिस वालों को भी अपनी जान बचानी पड़ी। ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा। जानिए कैसी हुई महिला की मौत।
घटना बरेली के आंवला की है। ज्ञानवती दहेज हत्या के मामले में पुलिस ने वांछितों को पकड़ने के लिए धन्नावाली गौटिया गांव में दबिश दी। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तोड़फोड़ और लाठीचार्ज भी किया। आरोप है कि इसी दौरान परिवार की एक महिला की मौत हो गई।
पढ़ें:- गैंगरेप के बाद हत्या, 12 दिन बाद मिला छात्रा का शव, गुस्साए लोगों ने किया बवाल
मौत की खबर आग की तरह फैली और जमकर बवाल हुआ। ग्रामीणों ने पुलिस से हाथापाई की और बाद में पथराव शुरू हो गया। पुलिस वालों ने किसी तरह भागकर खुद को बचाया। घंटों बवाल के बाद गांव में तनाव बना हुआ है। एसपी देहात ख्याति गर्ग भारी पुलिसबल के साथ गांव पहुंचीं। गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
11 अप्रैल को सिरौली थाना क्षेत्र के रम्पुरा निवासी ओमकार ने अपनी बेटी ज्ञानवती की दहेज हत्या के आरोप में उसके पति सूरज वर्मा, सास रामादेवी और ससुर रामचंद्र निवासी धन्नावाली गौटिया के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके बाद से ही तीनों आरोपी फरार चल रहे थे।
फाइल
- फोटो : सांकेतिक चित्र
वांछित गिरफ्तारी के अभियान के तहत शुक्रवार रात करीब 8.15 बजे पुलिस दबिश देने पहुंची। घर पर सूरज वर्मा की 70 वर्षीय दादी कलावती मिलीं। आरोप है कि आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश करवाने के लिए पुलिस वालों ने घर में तोड़फोड़ कर दी। बुजुर्ग महिला को धमकाया और पीट दिया गया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बुजुर्ग महिला को रायफल की बट से मारा, जिससे उनकी मौत हो गई। दबिश के बाद मौत की बात पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस का घेराव करके पथराव कर खदेड़ दिया।
आंवला थाना प्रभारी सहित दोबारा पुलिस गांव में पहुंची तो उन्हें ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने दोबारा पथराव कर दिया, जिसमें तीन पुलिसकर्मियों के चोटिल होने की सूचना है। हालांकि अधिकारियों के मुताबिक किसी को चोट नहीं लगी है।
एसएसपी जोगेंद्र कुमार का कहना है कि पथराव में कोई चोटिल नहीं हुआ है। एसपी देहात और सीओ आंवला को पुलिस बल के साथ मौके पर भेजा गया है। गांव वालों से वार्ता की जा रही है।