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इलाज के बहाने जेल से बाहर निकले राम रहीम तो भड़क सकती है हिंसा

Wed, 13 Sep 2017 10:08 AM IST
amarujala.com, Presented by: अभिषेक तिवारी
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Ram Rahim
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खुफिया एजेंसियों का इनपुट है कि यदि किसी भी बहाने डेरामुखी जेल से बाहर आता है, तो फिर माहौल बिगड़ सकता है, क्योंकि डेरे के कुर्बानी दस्ते अभी पूरी तरह से निष्क्रिय नहीं हुए हैं। 
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रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरामुखी राम रहीम को इमरजेंसी सेवाओं के लिए भी फिलहाल जेल से बाहर नहीं लाया जाएगा। जो भी सेवाएं होंगी, उसे जेल के भीतर ही उपलब्ध करवाई जाएंगी। क्योंकि खुफिया एजेंसियों का इनपुट है कि यदि किसी भी बहाने डेरामुखी जेल से बाहर आता है, तो फिर माहौल बिगड़ सकता है, क्योंकि डेरे के कुर्बानी दस्ते अभी पूरी तरह से निष्क्रिय नहीं हुए हैं। इन कुर्बानी दस्तों के सदस्यों में इस पूरे प्रकरण को लेकर जबरदस्त आक्रोश है और यदि उनके आक्रोश को फिर से हवा मिली, तो हिंसा हो सकती है।

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इसी के मद्देनजर हरियाणा सरकार फिलहाल किसी भी सूरत में डेरामुखी को जेल परिसर से बाहर लाने के मूड में नहीं है। इसी के चलते स्थानीय रोहतक प्रशासन को भी संबंधित दिशा-निर्देश भेज दिए गए हैं। इसी के चलते तबीयत खराब होने की शिकायत के बावजूद डाक्टरों की टीम ही रोहतक जेल में डेरामुखी की जांच के लिए गई। उसे बाहर नहीं लाया गया, जबकि डेरामुखी को इलाज के लिए पीजीआई रोहतक भर्ती करवाने की चर्चाएं जोरों पर थीं। 
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उल्लेखनीय है कि जेल पहुंचने के बाद से ही डेरामुखी कमर दर्द और बेचैनी की लगातार शिकायतें कर रहा है और उसे नींद भी न आने की शिकायत है। हरियाणा सरकार के एक आला अफसर ने बताया कि डेरामुखी को जेल से बाहर लाने का जोखिम फिलहाल नहीं उठाया जा सकता, हर इमरजेंसी सेवा भीतर ही मिलेगी।
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आम कैदी आते हैं बाहर, मगर यहां रिस्क नहीं

राम रहीम - फोटो : SELF
जेल मैनुअल के मुताबिक आम कैदियों को इलाज के लिए जेल से बाहर सिविल अस्पताल या पीजीआई तक लाया जाता है। वैसे तो सेंट्रल जेलों में ही एक जेल अस्पताल की व्यवस्था होती है, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ जाए तो संबंधित कैदी को जिलों के नागरिक अस्पतालों में उपचार के लिए लाया जाता है। वहां बकायदा कैदी वार्ड की भी व्यवस्था भी होती है।

तबीयत सीरियस हो जाए तो नजदीकी पीजीआई में कैदी को पूरी सिक्योरिटी के साथ रेफर भी किया जा सकता है, लेकिन खुफिया एजेंसियों के इनपुट के बाद डेरामुखी कोइलाज के बहाने जेल से बाहर लाने का रिस्क सरकार नहीं उठाना चाहती।

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बागवानी के लिए भी अलग व्यवस्था

गुरमीत राम रहीम
सुनारिया जेल में डेरामुखी को दूसरे कैदियों से बिल्कुल अलग हाई सिक्योरिटी सेल में रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक डेरामुखी अन्य कैदियों के बीच भी नहीं लाया जाता। चूंकि उसे जेल में माली का काम करना है, इसलिए जिस सेल में बाबा को रखा गया है, वहीं उसकेलिए अलग से बागवानी हेतु क्यारी की व्यवस्था कर दी गई है, जबकि बाबा की निगरानी के लिए चौबीस घंटे दो नंबरदार बाबा के सामने वाले बैरकों में रहेंगी और डेरामुखी पर नजर रखेंगे।
 
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