आर्श्चयजनक है कि राधिका के परिवार पर भी बुरे हालातों से गुजरा। एक और राधिका की मां कैंसर की बीमारी से जूझ रही थी दूसरी और उसके पिता की मौत काफी साल पहले हो गई। राधिका का घर उन 1000 रुपयों से चलता है, जो मां को सरकार की ओर से पेंशन के तौर पर मिलते हैं।
साथ ही उन्हें पड़ोसियों और चैरिटी संस्थान की और से कभी-कभी मिलने वाले खाने पर भी निर्भर रहना पड़ा। मां ने बतौर घरेलू सहायिका बनकर भी घर चलाने की कोशिश की, लेकिन इससे बात नहीं बनी।