रामदेव मिश्र रेलवे से सेवानिवृत्त होने के बाद से गांव में रहते हैं। उनकी पत्नी की मौत काफी पहले हो चुकी है। रामदेव की दो बेटियां हैं जिनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल वे बेटे जगदीश के पत्नी-बच्चों के साथ रहते हैं। आरोपी जगदीश ने 13 साल पहले छत से धकेल कर पहली पत्नी को मार डाला था।
जेल से छूटने के बाद उसने दूसरी शादी की जिससे दो बच्चे हैं। उसके अभद्र व्यवहार के चलते गांव के लोगों या रिश्तेदारों का रामदेव के घर आना-जाना न के बराबर है। गांव के लोगों में दबी जुबान यह भी चर्चा है कि गुरुवार को दिन में रामदेव की बहू और दो पोते घर में देखे गए थे लेकिन शाम के बाद से वे भी लापता हैं।
घटना की बाबत सोनहा थाने के प्रभारी निरीक्षक श्रीनाथ यादव ने बताया कि पुलिस ने जख्मी रामदेव को अस्पताल में भर्ती कराया है। उन्होंने बेटे द्वारा हमला करने की बात कही है। हालांकि परिवार की ओर से अब तक कोई तहरीर नहीं दी गई है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी युवक और उसके पत्नी-बच्चों की तलाश की जा रही है।