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2.37 करोड़ की ठगी में दो नाइजीरियन अरेस्ट, पूछताछ में सामने आया ऐसा सच कि पुलिस के उड़े होश

Sat, 24 Feb 2018 08:41 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Nigerian fraud arrested - फोटो : amar ujala
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भारत में व्यापार में निवेश का झांसा देकर लोगों से 2.37 करोड़ की ठगी करने वाले दो नाइजीरियन को साइबर थाना पुलिस ने शनिवार को यूपी के नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।

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पकड़े गए आरोपी ई-मेल और फोन के जरिये लोगों को झांसा देकर उनसे अपने खातों में ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करा लेते थे। देहरादून में भी आरोपियों ने चार बुजुर्गों से 98, 32, 52 और 55 लाख रुपये की ठगी की थी। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने अलग-अलग बैंकों के डेबिट कार्ड, मोबाइल, एसयूवी कार और पासपोर्ट बरामद किया है। इसी मामले में पुलिस पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

एसटीएफ एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि पकड़े गए दोनों नाइजीरियन जेम्स जॉन और क्रिस्टोफर चुकवूडुनेम नोएडा में रह रहे थे। दोनों वर्किंग वीजा पर भारत आए हैं।

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पिछले दिनों ठगी करने के कई मामले साइबर थाने में दर्ज हुए थे

ATM Theft
पिछले दिनों व्यापार में निवेश का झांसा देकर अलग-अलग लोगों से ठगी करने के कई मामले साइबर थाने में दर्ज हुए थे। इनमें बताया गया था कि फोन कॉल और ई-मेल के जरिये आरोपियों ने लोगों को निवेश का झांसा देकर अपने खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए थे। इसे देखते हुए इंस्पेक्टर भरत सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था।

जांच के दौरान पुलिस टीम अरुणाचल प्रदेश पहुंच गई और वहां से छह फरवरी को तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनसे हुई पूछताछ के दौरान ठगी के मास्टर माइंड और गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी हुई। जिसके आधार पर मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया। इसमें इन दोनों नाइजीरियन के शामिल होने की बात सामने आई। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ आपराधिक षड़यंत्र रचने, धोखाधड़ी और आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है।

यह सामान हुआ बरामद
एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों के पास से सेंट्रल बैंक और सिंडीकेट बैंक के दो-दो डेबिट कार्ड, आईसीआईसीआई बैंक और पीएनबी का एक-एक डेबिट कार्ड, छह मोबाइल फोन, एसयूवी कार और दोनों के पासपोर्ट बरामद हुए हैं। 
 
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व्हॉट्सएप ग्रुप बनाकर करते थे संपर्क

विजिलेंस डायरेक्टर अशोक कुमार - फोटो : AmarUjala
पकड़े गए आरोपी व्हॉट्सएप ग्रुप के जरिये लोगों से संपर्क बनाते थे। वो लोगों को लाखों रुपये कमाने का झांसा देकर बड़े-बड़े सपने दिखाते थे। जब पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा तो उन्होंने तत्काल ही मैसेज डिलीट कर बचने का भी प्रयास किया। बाद में आरोपियों ने अपने बीमार माता-पिता और उनके अस्पताल में भर्ती होने की कहानी भी सुनाई।

पुलिस टीम होगी पुरस्कृत
दोनों आरोपियों को इंस्पेक्टर भारत सिंह के नेतृत्व में एसआई विनोद चौरसिया, आरक्षी हरेंद्र भंडारी, नितिन रामोला और चालक सुरेंद्र कुमार की टीम ने काफी जद्दोजहद के बाद गिरफ्तार किया है।

एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार की ओर से टीम को 10 हजार रुपये, आईजी एसटीएफ दीपम सेठ की ओर से पांच हजार रुपये, एसएसपी एसटीएफ की ओर से 2500 रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
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