झारखंड में फर्जी दो डॉक्टरों ने नवजात को लड़की साबित करने के लिए ऐसा काम किया जिसकी वजह से उसकी जन्म के बाद ही मौत हो गई। इसी वजह से राज्य स्वास्थ्य सचिव निधि खरे ने चतरा सिविल सर्जन को दो डॉक्टरों पर केस दर्ज करने के लिए कहा है। इटखोरी ब्लॉक के दो डॉक्टरों ने कथित तौर पर नवजात के जेनिटल (प्राइवेट पार्ट) काट दिए ताकि उसे लड़की साबित किया जा सके। इसी वजह से बच्चे की मौत हो गई।
मंगलवार को चतरा जिले के इटखोरी के जय प्रकाश नगर की गुड़िया देवी ओम क्लिनिक आईं थीं। आठ महीने की गर्भवती गुड़िया चेक-अप के लिए पहुंची थीं। चतरा पुलिस का कहना है कि मरीज से ज्यादा पैसे लेने के नाम पर डॉक्टर्स ने
अल्ट्रासाउंड टेस्ट करवाया और फिर बच्चे को जन्म देने के लिए सिजेरियन किया। फर्जी टेस्ट करने के बाद डॉक्टर्स ने बच्चे के पैरेंट्स से कहा कि बच्ची लड़की है। मगर जब देवी ने लड़के को जन्म दिया तो डॉक्टर्स ने कथित तौर पर उसके जेनिटल काट दिए। इसके बाद मां से कहा कि उन्होंने एक अविकसित लड़की को जन्म दिया जो जन्म के बाद मर गई है।
डॉक्टरों के जवाब से असंतुष्ट परिजनों ने बुधवार सुबह पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस का कहना है कि जब वह क्लिनिक पहुंचे तो डॉक्टर्स गायब थे। उनके खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 302 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और उन्हें पकड़ने के लिए कई जगहों पर रेड डाली जा रही है। खरे ने चतरा पुलिस से कहा है कि दोनों सिविल सर्जन को नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम, पूर्व-अवधारणा और प्री-नेटल डायग्नोस्टिक तकनीक कानून (पीसीपीडीएनटी) और मेडिकल प्रैक्टिशनर अधिनियम के तहत मामला दर्ज करें।