गुरुवार शाम हाईकोर्ट को उड़ाने का धमकी भरा पत्र मिलने से हड़कंप मच गया। सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखा हुआ यह पत्र हाईकोर्ट के गेट नंबर तीन पर सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ जवान को शाम करीब चार बजे जमीन पर पड़ा मिला। यह जानकारी डीएम एसएसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।
देर रात तक सीसी फुटेज के आधार पर धमकी भरा पत्र गेट नंबर तीन पर रखने वाले व्यक्ति की तलाश होती रही। शाम को कोर्ट से बाहर निकलने वालों की भीड़ के कारण स्पष्ट नहीं हो सका कि गेट पर धमकी भरा पत्र रखने वाला व्यक्ति कौन था। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हाईकोर्ट की सुरक्षा और कड़ी कर दी है।
हाईकोर्ट का गेट नंबर तीन और तीन ए वादकारियों, सामान्य स्टाफ तथा वकीलों के लिए है। शाम करीब चार बजे इस गेट से बाहर जाने वालों की भीड़ रहती है। उसी भीड़ में से किसी ने गेट के बाहर जमीन पर धमकी भरा पत्र गिरा दिया। कुछ समय बाद भीड़ कम होने पर सीआरपीएफ जवान की उस पर नजर पड़ी।
जवान ने इस पत्र को पढ़ा तो उसके होश उड़ गए। यह पत्र उसने सुरक्षा प्रभारी को दिखाया और कुछ ही देर में यह जानकारी एसपी हाईकोर्ट सुरक्षा और एसएसपी को दी गई। शाम करीब पांच बजे से देर रात तक हाईकोर्ट में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा रहा। अंदर से लेकर बाहर तक लगे 12 सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक करने के लिए 10 टीमें लगीं। इन टीमों ने पुरे फुटेज खंगाले लेकिन पत्र को गेट के पास रखते हुए कुछ भी दिखाई नहीं दिया। क्योंकि इस दौरान गेट से निकलने वालों की उस समय भीड़ थी।
यह है पत्र में
धमकी भरे पत्र में लिखा है कि प्रदेश के एक पूर्व मंत्री को हाईकोर्ट ने बुलाकर अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किया था। यह रवैया नाकाबिले बर्दाश्त है। इसी के विरोध में हाईकोर्ट को शुक्रवार को उड़ाने की बात कही है।
‘धमकी भरा पत्र मिलने के बाद हाईकोर्ट सहित आसपास के सीसीटीवी फुटेज मंगाए गए हैं। एलआईयू, आईबी और पुलिस टीम मौके पर गई है। एतियायन गुरुवार शाम से सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शुक्रवार को सुबह से ही बाहर और अंदर कड़ी सुरक्षा रहेगी। यह जानकारी शासन में डीजीपी और प्रमुख सचिव को भी दे दी है।’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
पहले भी धमकी मिली हैं
हाईकोर्ट उड़ाने को गुरुवार शाम धमकी भरा पत्र मिलना पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार धमकियां मिली हैं। करीब आठ महीने पहले हाईकोर्ट के एक न्याय कक्ष में टिफिन बम मिला था। उसको लेकर भी काफी अफरातफरी मच गई थी। बम निरोधक दस्ते ने उस बम को निष्क्रिय किया, बाद में पता चला कि टिफिन में साधारण पटाखा था। जांच के खुलासा हुआ कि इसमें हाईकोर्ट का एक कर्मचारी शामिल था, उसे दोषी मानते हुए गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। खुफिया एजेंसियां भी समय समय पर हाईकोर्ट की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी करती रहीं हैं। उनके इनपुट के आधार पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी समय समय पर सुरक्षा इंतजाम करते रहे हैं।