लाखों मां-बाप की तरह उनके भी कुछ अरमान थे। वो भी चाहते थे कि उनका बेटा जीवन की ऊंचाईयों पर पहुंचे और मां-बाप का नाम रौशन करें। उसके सुनहरे भविष्य के ख्वाबों में गोता लगा रहे मां-बाप पर क्या बीती होगी जब आंखों के सामने ही आंख का तारा दुनिया से रुख्सत हो गया। अभी वो महज 13 साल का था। सातवीं कक्षा में पढ़ रहा था। नाजुक उम्र में अभी तो उसने दुनिया देखी भी नहीं थी।
तमिलनाडु के सरकारी स्कूल में हुए मामूली झगड़े ने एक छात्र की जान ले ली। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, घर में मातम पसरा है और मुहल्ले में अफसोस और सन्नाटा।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक दहला देने वाली ये वारदात विल्लुपुरम के चिन्ना सलेम के अम्मइयागारा स्थित सरकारी स्कूल की है।
पुलिस के मुताबिक लंच टाइम के वक्त खाने की सीट को लेकर दो छात्रों में झगड़ा हो गया। दोनों एक ही कक्षा में पढ़ रहे थे और दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनो में हुई आपा-धापी में एक छात्र को धक्का और वो सीधा जाकर बेंच के नुकीले हिस्से से टकराया गया। जख्म से खून बह निकला। आनन-फानन में घायल छात्र को चिन्ना सलेम के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे कल्लाकुरुची गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। गंभीर रुप से जख्मी छात्र की रास्ते में ही मौत हो गई।
छात्र की मौत से सरकारी स्कूल भी कठघरे में
लंच टाइम में सीट को लेकर हुआ था झगड़ा
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पुलिस को मिली तहरीर के मुताबिक मृतक का नाम बालमुरुगन है। बालमुरुगन कक्षा सात में पढ़ रहा था। वो पूंडी गांव का रहने वाला था। आरोपी छात्र भी इसी गांव का है। पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्र भी मृतक के समुदाय से ताल्लुक रखता है।
चिन्ना सलेम की पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर जूबेनाइल कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे कुड्डालोर स्थित अवलोकन घर में भेज दिया गया है।
वारदात एक सरकारी स्कूल की है इसलिए इस मामले में सरकारी स्कूल पर भी उंगली उठना लाजमी है। क्योंकि कहीं न कहीं मामला अनुशासनहीनता से भी जुड़ा है। एक बात और कि जब बच्चे सीट के लिए झगड़ रहे थे तब इतने बड़े स्कूलन का स्टाफ कहा था? फिलहाल पुलिस आगे की तफ्तीश में लगी है।