जिस नाबालिग बच्ची की चार साल पहले दो दबंगों ने आबरू लूटी थी। आज उस बच्ची का मेडिकल होगा। यह खबर बरेली जिले की है। आरोप है कि उस वक्त पुलिस ने दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित परिवार ने हर किसी अधिकारी की चौखट पर गुहार लगाई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। थक हारकर मासूम की मां ने दिल्ली में केंद्रीय मानवाधिकार आयोग से इंसाफ मांगा।
केंद्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेकर फटकार लगाते हुए प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी। अब सीबीसीआईडी ने जांच शुरू करने के बाद दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराने का निर्देश बारादरी पुलिस को दिया है। आज जिला अस्पताल में चार साल बाद बच्ची का मेडिकल होगा।
बारादरी थाना क्षेत्र की नई बस्ती में रहने वाली महिला ने बताया कि 22 जून 2013 को उसकी सात साल की बेटी के साथ दो बदमाशों ने दुष्कर्म किया। जिससे उनकी बेटी की हालत खराब हो गई। कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह ठीक हुई। महिला ने बारादरी थाने में मासूम बेटी के साथ दुष्कर्म की तहरीर देकर पंकज और कमल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवानी चाही, लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की।
पीड़िता बेटी को लेकर भटकती रही, लेकिन पुलिस कार्रवाई से कतराती रही। पीड़ित मां एसएसपी कार्यालय में पेश हुई। अधिकारियों के आश्वासन के बाद भी बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। दूसरी तरफ पीड़िता को धमकियां भी मिलने लगी थीं। आरोपी दबाव बनाकर मामला दबाना चाहते थे।
नये सिरे से जुटाए जा रहे साक्ष्य
परेशान मां ने केंद्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली में शिकायत करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी। आयोग के निर्देश पर बारादरी थाने में एफआईआर दर्ज हुई, इसकी विवेचना अपराध शाखा, अपराध अनुसंधान विभाग खंड बरेली को सौंपी गई। मौजूदा समय में निरीक्षक शिवराज सिंह प्रकरण की जांच कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केस काफी पुराना होने के चलते नये सिरे से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पीड़िता के परिवार सहित उस वक्त मौजूद लोगों से पूछताछ के जरिये विवेचना को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बारादरी थाने की पुलिस परीक्षण की भेजेगी रिपोर्ट
सीबीसीआईडी के निरीक्षक शुक्रवार को दुष्कर्म पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण करवाएंगे। बारादरी थानाध्यक्ष उपेंद्र सिंह ने बताया कि एक महिला आरक्षी सहित दो पुलिसकर्मियों के साथ पीड़िता को जिला अस्पताल भेजकर परीक्षण होगा। अस्पताल में महिला चिकित्सक के पैनल से परीक्षण के बाद रिपोर्ट सीबीसीआईडी कार्यालय भेजी जाएगी।