फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

8 माह की बच्ची से रेप का मामला, केंद्र ने SC से कहा- एम्स में भर्ती कराई गई है पीड़िता 

Thu, 01 Feb 2018 11:15 PM IST
एजेंसी, नई दिल्ली
विज्ञापन
Child Rape - फोटो : Demo Photo
विज्ञापन
दिल्ली में आठ महीने की बच्ची से रेप के मामले में केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बेहतर इलाज के लिए पीड़िता को एम्स में भर्ती कराया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस घटना पर चिंता जताई और केंद्र सरकार एवं याचिकाकर्ता के वकील से देश भर में बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के लंबित मामलों का ब्यौरा दाखिल करने के लिए कहा ताकि यह देखा जा सके कि बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों को जल्द से जल्द किस तरह से निपटाया जा सकता है। 
विज्ञापन


अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल पीएस नरसिम्हा और पिंकी आनंद ने केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अदालत के आदेश के तहत एम्स के डॉक्टरों की एक टीम स्थानीय सरकारी अस्पताल में बच्ची को देखने गई थी। वहीं दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव संजीव जैन ने भी अदालत के समक्ष अपनी स्थिति रिपोर्ट पेश की। 

इसमें सर्वोच्च अदालत को सूचित किया गया है कि रेप की शिकार आठ माह की बच्ची के माता-पिता को 75 हजार रुपये की राशि अंतरिम मुआवजे के तौर पर दी गई है। अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि घटना को लेकर पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और आरोपी न्यायिक हिरासत में है। पुलिस ने कहा कि आरोपी ने शराब के नशे में बच्ची के साथ रेप करने की बात कबूल की थी।  
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि उत्तर पश्चिम दिल्ली में नेता जी सुभाष प्लेस क्षेत्र के नजदीक बीते 28 जनवरी को एक आठ माह की बच्ची के साथ उसके 28 वर्षीय चचेरे भाई ने कथित तौर पर रेप किया था। घटना को लेकर अधिवक्ता अलख आलोक श्रीवास्तव की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

याचिका में कहा गया है कि बच्ची को गंभीर चोटें थीं और उसे तीन घंटे की सर्जरी से गुजरना पड़ा था। बच्ची का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है जहां उसकी हालत नाजुक है। पीड़िता बेहद गरीब परिवार से है और उसके पिता मजदूर के तौर पर काम करते हैं। याचिका में बच्ची के माता-पिता को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने की मांग की गई है।
Trending Videos
विज्ञापन

याचिका में छह माह के भीतर ट्रॉयल पूरा करने की मांग  

supreme court
याचिका में कहा गया है कि 12 साल से कम उम्र के मासूमों के साथ रेप के मामलों की जांच के लिए गाइडलाइंस तय की जाए। ऐसी वारदातों में प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराए जाने के दिन से छह माह के भीतर ट्रॉयल पूरा कर लिया जाना चाहिए।  

एम्स ने कहा, स्थानीय अस्पताल ने की बच्ची की बेहतर सर्जरी

एम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उपचार के तहत स्थानीय अस्पताल ने बच्ची की बेहतर सर्जरी की है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एम्स के दो डॉक्टरों को स्थानीय सरकारी अस्पताल का दौरा करने और बच्ची की हालत का आकलन करने के लिए निर्देश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस दौरान दिल्ली लीगल सर्विस अथॉरिटी का सदस्य भी एम्स के डॉक्टरों के साथ मौजूद रहेगा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें