राजस्थान पुलिस ने सोमवार को हनी ट्रैप के मामले में दिल्ली से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। 42 वर्षीय इस शख्स पर कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप है।
आरोपी की पहचान मोहम्मद परवेज के तौर पर हुई है। जिसे 2017 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के चलते गिरफ्तार किया था। परवेज को इस दौरान न्यायिक हिरासत में भी रखा गया था।
अतिरिक्त महानिदेशक (खुफिया) उमेश मिश्रा ने बताया कि राज्य पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद उसे पूछताछ के लिए सोमवार को जयपुर लाया गया।
अधिकारी ने बताया कि मोहम्मद परवेज कथित तौर पर नकली पहचान से भारतीय सेना के जवानों को हनी ट्रैप में फंसाता था। वह जवानों से गोपनीय और रणनीतिक जानकारी एकत्रित करने के बाद उसे आईएसआई को दे देता था। उसे आईएसआई से वित्तीय सहायत मिलती है।
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पूछताछ में परवेज ने खुलासा किया कि वह आईएसआई के संपर्क में है और बीते 18 सालों में 17 बार पाकिस्तान जा चुका है।
मिश्रा ने बताया कि आईएसआई गोपनीय जानकारी एकत्रित करने के लिए परवेज को हर प्रकार का समर्थन देती थी। परवेज दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग से तुरंत वीजा दिलाने के नाम पर लोगों से फोटो और पहचान पत्र की फोटो कॉपी लेता था। इनसे वह सिम कार्ड खरीदता था। जिसके बाद वह आईएसआई के लोगों से संपर्क करता था।
मिश्रा ने बताया कि परवेज को गिरफ्तार करने के बाद जयपुर की एक अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। परवेज की गिरफ्तारी राजस्थान के हनी ट्रैप के एक मामले में की गई है। इस मामले में आर्मी के जवान सोमवीर सिंह भी शामिल हैं।